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लालकुआ मरीजों को बाहर जांच कराने के लिए किया जा मजबूर, खेला जा रहा है कमीशनखोरी का खेल,अधिकारी मौन, व्यापार मंडल ने दी आंदोलन की चेतावनी

लालकुआ। गरीब जनता के लिए उपचार की सबसे बड़ी उम्मीद लालकुआं नगर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों दलालों की चंगुल में है। चिकित्सकों की मिलीभगत से बाहरी लैबों पर जांच का कारोबार खुलकर चल रहा है। जबकि अस्पताल में तकरीबन सभी जांचें निशुल्क उपलब्ध हैं। इसके बाबजूद अस्पताल में गरीबों की जेब पर डांका डालने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। खुलेआम डॉक्टर मरीजों को न केवल अस्पताल के बाहर दवा लिख रहे बल्कि मन मुताबिक जांच कराने के लिए अपने चिन्हित प्राईवेट पैथोलॉजी लैब में मरीजों का भेजा रहा है। कमीशन के तौर पर पैसा कमाया जा रहा है। यहां आने वाले गरीब तबके के लोग अस्पताल में तैनात डाॅक्टरों की इस मनमानी से खासे परेशान हैं लेकिन इस पर न तो कोई जिम्मेदार रोक लगा पा रहा है और न ही जनप्रतिनिधि इस मामले को संज्ञान में ले रहें हैं। अस्पताल में होने वाले अधिकारियों के निरीक्षण भी इस कमीशन के खेल को बंद नहीं कर पा रहे हैं।

वही अस्पताल की इस दुर्व्यवस्था का गवाह बना संजय नगर बंजरी कम्पनी निवासी राकेश सिंह। लम्बे समय से तेज बुखार से परेशान अपने 13 वर्षीय बेटे मनीष को बेहतर इलाज की चाह में लालकुआं के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा। जहां मौजूद चिकित्सक ने उसके बेटे को देखा और एक्स-रे सहित रक्त की छह प्रकार की जांचे लिखी दी। जिसके बाद जांच के लिए वह बेटे को लेकर चिकित्सक द्वारा बताए गए 12 नम्बर कमरें में गया जहां अस्पताल की पैथोलॉजी लैब है। उसने आरोप लगाया कि वह मौजूद लैब टेक्नीशियन बंसत बल्लभ लोहनी ने उसे अंदर जांच ना होने तथा सभी जांचें बाहर निजी पैथोलॉजी लैब में कराने को कहा।जिसके बाद उसने इसकी शिकायत नैनीताल मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरीश पंत से फोन पर की जिनके निर्देश पर पीड़ित की सभी जांचें अस्पताल की गई।

वही पीड़ित ने आरोप लगाया कि अस्पताल के चिकित्सकों मिलीभगत से रोजना बड़ी संख्या में अस्पताल के गरीबों मरीजों की जांच बाहरी पैथोलॉजी में कराई जा रही है। उसने कहा कि अस्पताल में तैनात लैब टेक्नीशियन की बाहर एक निजी पैथोलॉजी लैब है। जिसमें मरीजों को जांच के लिए भेजा जाता है।उसने शासन प्रशासन से सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इधर लालकुआं व्यापार मंडल के अध्यक्ष दीवान सिंह बिष्ट और नगर पंचायत सभासद भुवन पांडे ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में निशुल्क होने वाली सरकारी जांचें को सरकारी डाॅक्टरों द्वारा प्राईवेट पैथोलॉजी लैब कराई जा रही है जो कहीं ना कहीं सरकार के सिस्टम पर सवाल खड़ा करता हैं उन्होंने कहा कि एक ओर जहां सरकार लोगों को मुफ्त में इलाज उपलब्ध कराने का दम भरती है तो वहीं दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में तैनात डाॅक्टरों की मनमानी सरकार के दावे पर पानी फेर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में कमीशन खोरी और गरीबों का उत्पीड़न किसी भी किमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि जल्द ही उनके द्वारा डाक्टरों के खिलाफ कार्यवाही को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि उक्त मामले में कार्यवाही नहीं होती है तो समस्त क्षेत्रवासी को बाध्य होंगे।

 

 

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Author: uttarakhandtime

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