उत्तरकाशी: खराब मौसम के बीच उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे पर्वतारोहियों की सुरक्षित वापसी के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर हेलिकॉप्टर के जरिए हर्षिल पहुंचा दिया गया है। सभी को सुरक्षित आर्मी बेस हर्षिल स्थित चिकित्सालय लाया गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
136 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने का अभियान जारी
उत्तरकाशी जिले में विभिन्न स्थानों पर मौसम खराब होने के कारण करीब 136 पर्वतारोही फंसे हुए हैं। शासन से समन्वय और एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में सोमवार सुबह छह बजे से इस रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई गई।
संयुक्त टीम का अभियान: इस राहत एवं बचाव कार्य में एसडीआरएफ, जिला पुलिस, भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और यूसीएडीए की टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं।
कहा फंसे हैं ट्रेकर्स: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, कालिंदी ट्रैक पास, उडन कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी-2, जोगिन-1, शिवलिंगा-1 व 2 और सतोपंथ, श्रीकंठ चोटियों के आरोहण पर गए 10 दलों के 136 पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंसे थे। प्रशासन सैटेलाइट के जरिए लगातार संपर्क बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
सीएम धामी के निर्देश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से आपदा प्रबंधन अधिकारियों से संपर्क कर रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बर्फबारी प्रभावित क्षेत्र में फंसे सभी ट्रैकर्स और पोर्टर्स की सकुशल वापसी सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्हें भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्तराखंड आने वाला हर पर्यटक राज्य का अतिथि है।
मुख्य सचिव की बैठक: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ पर्वतारोहियों को तत्काल बेहतर उपचार मिल सके।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने स्थिति का जायजा लेते हुए कहा कि सभी लोग सुरक्षित हैं और युद्धस्तर पर अन्य फंसे हुए ट्रेकर्स को भी जल्द बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।



