रुड़की : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद सरकार और प्रशासन द्वारा सख्त कानून के दावे तो बड़े-बड़े किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। ताजा मामला गंगनहर क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक विवाहिता न्याय के लिए अपनी 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दर-दर भटकने को मजबूर है।
मारपीट के निशान और दूसरी शादी का खौफ
पीड़िता कायनात ने अपने पति बिलाल उर्फ शेंकी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। कायनात का आरोप है कि उसका पति न केवल उसके साथ बेरहमी से मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करता है, बल्कि अब दूसरी शादी करने की धमकी भी दे रहा है।
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साक्ष्य: पीड़िता ने मारपीट के निशानों वाली तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर पेश की हैं।
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धमकी: ऑडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी कथित तौर पर दूसरी महिला को साथ रखने और कानून की परवाह न करने की बात कह रहा है।
सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें
पीड़िता का कहना है कि उसका पति उसे व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला की ‘दुल्हन’ के रूप में फोटो भेजकर प्रताड़ित कर रहा है। उसे शक है कि आरोपी ने गुपचुप तरीके से सगाई भी कर ली है। इस घरेलू विवाद के कारण आज कायनात और उसकी मासूम बच्ची घर से बेघर हो चुके हैं और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
UCC पर उठ रहे सवाल
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी खुलेआम ‘लिव-इन’ और ‘दूसरी शादी’ की बात कर रहा है, जो कि वर्तमान में लागू UCC कानून के तहत प्रतिबंधित और दंडनीय है। पीड़िता ने सवाल उठाया है कि जब प्रदेश में कानून इतना सख्त है, तो आरोपी को कानून का डर क्यों नहीं है?
“मैं अपनी बच्ची के साथ सड़क पर हूं। मुझे न्याय चाहिए। पुलिस और प्रशासन को ऐसे व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो कानून का मजाक उड़ा रहा है।” — कायनात (पीड़िता)
फिलहाल, पीड़िता ने प्रशासन से सुरक्षा और आरोपी पति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाती है।


