हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने के लिए उत्तराखंड शासन और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहरी विकास विभाग ने एक एकीकृत सेनिटेशन कार्ययोजना (Integrated Sanitation Plan) पर काम शुरू कर दिया है।
शहरी विकास सचिव नितेश कुमार झा ने हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में संबंधित विभागों और नगर निकायों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग एक सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत स्वच्छता कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें।
32 सेक्टरों में बिछेगा स्वच्छता का जाल
कुंभ क्षेत्र को कुल 32 सेक्टरों में विभाजित कर सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधनों की तैनाती की जाएगी:
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टॉयलेट सीट: 13,865
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FRP मूत्रालय: 8,065
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डस्टबिन: 4,840
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सफाई वाहन: 493 वाहन
सीवरेज निस्तारण और आधुनिक तकनीक
कूड़े और सीवरेज के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 6 एफएसटीपी (FSTP – Fecal Sludge Treatment Plant) और सेक्टर एमटीएफ (MTF) का उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा, इस बार स्वच्छता व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इसके लिए कुंभ क्षेत्र से जुड़े सभी नगर निकायों और जिला पंचायतों को शहरी विकास विभाग के सेंट्रल डैशबोर्ड से मैप (जोड़ा) किया जा रहा है, जिससे धरातल पर हो रहे कार्यों की रियल-टाइम निगरानी हो सकेगी।
दिसंबर से तैनात होंगे सफाई कर्मी, मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए दिसंबर की शुरुआत से ही पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती शुरू कर दी जाएगी। सफाई कर्मियों को हानिकारक रसायनों और आधुनिक सफाई उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण (Training) दिया जाएगा।
नगर आयुक्त नंदन कुमार को मिली जिम्मेदारी
इस पूरी एकीकृत सेनिटेशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की मुख्य जिम्मेदारी नगर आयुक्त नंदन कुमार को सौंपी गई है।


