डोभा | उत्तराखंड में आगामी सीजन के आहट के साथ ही राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने अपना कमर कस लिया है। विभाग की ओर से राहत और बचाव कार्य को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर अंतिम चरण शुरू किया गया है। आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में ‘रिस्पॉन्स टाइम’ को कम करना और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
मॉक अपॉइंटमेंट और जन-जागरूकता पर जोर
आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि विभाग को केवल खनिज तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि तंत्र के कार्यकुशलता के माध्यम से लगातार मॉक स्टडी भी की जा रही है। उन्होंने कहा, “आपदा के समय में सबसे महत्वपूर्ण समय तैयारी और सूचना का प्रचार-प्रसार है।”
एक-दो घंटे की तेज़ बारिश आफत
विनोद कुमार सुमन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में एक या दो घंटे में अतिवृष्टि के कारण अचानक बाढ़ और खतरनाक आपदाएं पैदा हो रही हैं। ऐसी घटनाओं की जांच के लिए समय-समय पर चेतावनी जारी करना और जनता तक उन तक पहुंचना विभाग के सर्वोच्च उद्देश्य में शामिल है।

