वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर बीजेपी विधायक के विवादित बोल, मचा बवाल

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली

उत्तराखंड :के लैंसडाउन से भाजपा विधायक दलीप सिंह रावत एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयान को लेकर विवादों में घिर गए। स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का जिक्र करते हुए विधायक ने ऐसा बयान दिया, जिसे लोगों ने उनका अपमान बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तत्काल विरोध जताया और सोशल मीडिया पर भी वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया। मामला तूल पकड़ता देख विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का अपमान करना नहीं था, बल्कि उनके साहस और क्रांतिकारी व्यक्तित्व का उदाहरण देना था।

विस्तृत खबर
उत्तराखंड की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब लैंसडाउन से भाजपा विधायक दलीप सिंह रावत ने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर विवादित टिप्पणी कर दी। विधायक का बयान सामने आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने आपत्ति जताई और देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया।

देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक दलीप सिंह रावत ने अपने भाषण में कहा कि, क्रांति बुद्धिमान लोग नहीं करते, बुद्धिहीन लोग करते हैं। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली कहीं से बुद्धिमान नहीं थे, उन्होंने क्रांति तब की जब बुद्धि नहीं थी। विधायक के इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने विरोध जताया। कुछ लोगों ने इसे स्वतंत्रता सेनानी का अपमान बताया, जबकि कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

विवाद बढ़ता देख विधायक ने मंच से ही अपने बयान पर सफाई देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला जा रहा है। विधायक के अनुसार उनका आशय यह था कि क्रांतिकारी लोग अधिक गणना या व्यक्तिगत लाभ-हानि की चिंता किए बिना साहसिक निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के योगदान को कम आंकना नहीं, बल्कि उनके अदम्य साहस को रेखांकित करना था।

हालांकि विधायक की सफाई के बावजूद विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने बयान को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का अपमान बताते हुए विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की। विपक्ष का कहना है कि जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनके बारे में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल अस्वीकार्य है।

सोशल मीडिया पर भी विधायक का बयान चर्चा का विषय बन गया। बड़ी संख्या में लोगों ने बयान की आलोचना करते हुए कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। वहीं कुछ लोगों ने विधायक की सफाई का हवाला देते हुए कहा कि उनके बयान को पूरे संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।

कौन थे वीर चंद्र सिंह गढ़वाली
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानियों में गिने जाते हैं। वर्ष 1930 के ऐतिहासिक पेशावर कांड में उन्होंने ब्रिटिश शासन के आदेश के बावजूद निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से इनकार कर दिया था। उनके इस साहसिक कदम ने उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख नायकों में शामिल कर दिया। इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और लंबे समय तक कारावास झेलना पड़ा। उत्तराखंड में उन्हें सम्मान और गौरव के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

दलीप सिंह रावत की सफाई सामने आने के बावजूद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार माफी की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा की ओर से इस मुद्दे पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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Author: uttarakhandtime

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