उत्तरकाशी के अंबेडकर छात्रावास में दूषित भोजन का आरोप, छात्रों ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

AmbedkarHostel

उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के समीप तिलोथ स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर बालक एवं बालिका छात्रावास में रह रहे करीब 100 छात्र-छात्राओं को पिछले दो महीनों से कथित तौर पर दूषित और गुणवत्ताविहीन भोजन खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्रों का आरोप है कि कैंटीन संचालक खुले में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन तैयार कर रहा है, जिससे भोजन में कीड़े और अन्य गंदगी गिरने के बावजूद वही खाना परोसा जा रहा है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि छात्रावास में अनुसूचित जाति वर्ग के 48 छात्र और 40 से अधिक छात्राएं निवास करती हैं। भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

खुले में बन रहा भोजन, कीड़े गिरने का आरोप
छात्रों के अनुसार करीब दो महीने पहले कैंटीन का संचालन नई निविदा के तहत नए संचालक को सौंपा गया था। इसके बाद से भोजन की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। उनका आरोप है कि कैंटीन संचालक खर्च बचाने के उद्देश्य से छात्रावास की रसोई के बजाय बाहर गली में लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनवा रहा है।छात्रों का कहना है कि खुले स्थान पर खाना बनाते समय आसपास की दीवारों और वातावरण से कीड़े चावल, दाल और सब्जियों में गिर जाते हैं। आरोप है कि भोजन से कीड़े निकालने के बजाय वही भोजन छात्रों को परोस दिया जाता है। इससे छात्रों में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दोनों छात्रावास अधीक्षकों को दी थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद सोमवार को छात्र विकास भवन स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय भी पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन वहां से भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।छात्रों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद न तो भोजन की गुणवत्ता में सुधार हुआ और न ही कैंटीन संचालन की व्यवस्था बदली गई। भोजन के अलावा छात्रावास की सफाई व्यवस्था पर भी छात्रों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि छात्रावास में नियुक्त सफाई कर्मचारी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते। नतीजतन छात्रावास परिसर और आसपास की नालियों की सफाई स्वयं छात्र-छात्राओं को करनी पड़ी। छात्रों का कहना है कि साफ-सफाई की कमी और दूषित भोजन दोनों मिलकर छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं।

समाज कल्याण अधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन
जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप पंवार ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में हाल ही में सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल मुख्यालय से बाहर हैं। वापस लौटने के बाद छात्रावास का निरीक्षण किया जाएगा तथा कैंटीन संचालक से पूरे मामले में जवाब मांगा जाएगा। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
छात्र-छात्राओं ने प्रशासन और समाज कल्याण विभाग से मांग की है कि छात्रावास में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, कैंटीन संचालन की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा सफाई व्यवस्था को नियमित किया जाए, ताकि छात्र सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

 

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Author: uttarakhandtime

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