देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा, खेल, नशामुक्ति, पर्यटन, परिवहन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सुझाव लिए गए।
शायरा की बात पर विवाद, स्कूल ने दी सफाई
कार्यक्रम के दौरान सीएमआई गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्रा शायरा ने इंटरनेशनल क्वान की डो प्रतियोगिता में अपने चयन से जुड़ा मुद्दा उठाने की कोशिश की। बाद में छात्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के सामने बात रखते समय वह घबरा गई थी और अपनी बात स्पष्ट तरीके से नहीं रख पाई।
विद्यालय की ऑफिशिएटिंग प्रिंसिपल रबेका सिंह ने स्पष्ट किया कि शायरा प्रतिभाशाली छात्रा है और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती है। जिस प्रतियोगिता का जिक्र किया गया, उसमें छात्रा ने स्कूल की ओर से प्रतिभाग नहीं किया था और विद्यालय स्तर पर भी ऐसी प्रतियोगिता आयोजित नहीं हुई थी।
प्रिंसिपल के अनुसार, शायरा ने एक निजी एसोसिएशन के माध्यम से प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जहां उसे कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल ने छात्रा को हरसंभव सहयोग देने की बात कही है।
छात्रों के सुझाव नीति में होंगे शामिल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्यार्थियों से मिले उपयोगी सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत के अनुसार उन्हें सरकारी नीतियों एवं कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे।
140 विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान
कार्यक्रम में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड : एक विकसित राज्य के लिए मेरा दृष्टिकोण’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता शुरू की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले 140 विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।
चयनित विद्यार्थियों को नीट, जेईई और क्लैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित आवश्यक शुल्क में राज्य सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई। कार्यक्रम में प्रदेशभर के 2,828 सरकारी और गैर सरकारी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के तीन लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्कूलों में खेल गतिविधियां बढ़ाने और सप्ताह में कम से कम चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने समेत उच्च शिक्षा, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सुझाव दिए।
एआई को लेकर सीएम की सलाह
मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से एआई का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक उपयोगी है, लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल सोचने और सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पहले अपनी बुद्धि, विवेक और सोचने की क्षमता का इस्तेमाल करने, फिर गुरुजनों के मार्गदर्शन और आवश्यकता पड़ने पर एआई की मदद लेने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर लगातार प्रयास करने और उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।



