हल्द्वानी में आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जनपद नैनीताल में नदियों की सफाई, सिल्ट निकासी, ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने और भूकटाव रोकने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विशेष रूप से गौला और नंधौर नदियों में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं।
डीएम ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की उपस्थिति में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सिंचाई, वन, लोक निर्माण विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों को मानसून से पहले सभी जरूरी कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
नंधौर नदी में 10 अप्रैल से शुरू होगा रिवर ट्रैपिंग कार्य
डीएम ने बताया कि वर्तमान में खनन सत्र जारी है, जिसके कारण नंधौर नदी के मुहाने पर सिल्ट और बोल्डर का जमाव हो रहा है। इससे मानसून के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि 10 अप्रैल से नंधौर नदी में रिवर ट्रैपिंग कार्य शुरू किया जाए। इसके लिए चार मशीनें लगाई जाएंगी, जिनमें दो वन विकास निगम और दो लोक निर्माण विभाग व खनन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी।
गौला नदी में भूकटाव रोकने पर भी फोकस
लालकुआं क्षेत्र में गौला नदी से हो रहे भूकटाव को रोकने के लिए भी सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति हेतु शासन को तत्काल पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि क्षेत्रवासियों को किसी तरह की क्षति न हो।
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स्थानीय समस्याओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी, व्यावसायिक सिलेंडर आपूर्ति, श्रीलंका टापू और मोतीनगर सड़क से जुड़े मुद्दे भी उठाए। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को सोमवार से रसोई गैस की शत-प्रतिशत होम डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



