ABVP छात्रों का गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रदर्शन

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छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों ने सोमवार को हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।

कुलसचिव कार्यालय में घुसकर अधिकारियों को बनाया बंधक

प्रदर्शन के बाद आक्रोशित छात्र कुलसचिव कार्यालय पहुंच गए, जहां उनकी विश्वविद्यालय अधिकारियों के साथ तीखी झड़प हो गई। इस दौरान स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब छात्रों ने कुलसचिव अनीस उज जमान, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार समेत अन्य अधिकारियों को कुलसचिव कार्यालय में ही बंधक बना लिया।

फिलहाल एबीवीपी के कुछ छात्र कार्यालय के भीतर अधिकारियों के साथ मौजूद हैं और मांगों को लेकर वार्ता जारी है। वहीं कार्यालय के बाहर विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ पुलिस बल भी तैनात है।

छात्रों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कई छात्रहितों से जुड़ी मांगें प्रशासन के सामने रखीं। इनमें प्रमुख मांगें शामिल हैं—

  • पीएचडी प्रवेश में नेट की अनिवार्यता समाप्त कर अलग से पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करना
  • एमएससी कंप्यूटर साइंस पाठ्यक्रम को विश्वविद्यालय में संचालित करना
  • एनसीसी और एनएसएस छात्रों को मिलने वाले दो क्रेडिट को रिजल्ट में शामिल करना
  • शिक्षकों और छात्रों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करना

पीएचडी प्रवेश में अंतिम वर्ष के छात्रों को भी मौका देने की मांग

पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गौरव मोहन नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय में पीएचडी का सत्र पहले ही एक साल पीछे चल रहा है। ऐसे में इस बार की पीजी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए।

खाली सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश की मांग

छात्र नेताओं ने एलएलबी और बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के बाद खाली रह जाने वाली सीटों पर मेरिट के आधार पर प्रवेश देने की मांग भी रखी है। छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट ने कहा कि इन मांगों को लेकर छात्र लंबे समय से विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

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छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन को और तेज करेंगे।

 

Anjali Rawat
Author: Anjali Rawat

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