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कोलकाता की घटना से ऋषिकेश एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर भी हड़ताल पर

एम्स ऋषिकेश में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई। हड़ताल के चलते ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं। ओपीडी भी 90 फीसदी बंद है। दूर-दूर से आए मरीज परेशान हुई। कई बिना उपचार कराए वापस लौट गए। रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। ट्राॅमा व आपातकालीन विभाग में सामान्य दिनों की तरह कामकाज हुए।
इसके बाद अब एम्स ने ओपीडी पंजीकरण समय में आंशिक बदलाव कर इसे एक घंटा कम कर दिया है। मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहने तक ओपीडी में रोगियों का पंजीकरण अब सुबह सात से दस बजे तक रहेगा। यह व्यवस्था आज सुबह से लागू की गई है और हड़ताल समाप्त होने तक जारी रहेगी
कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में महिला रेजिडेंट डॉक्टर की हत्या के विरोध में इन दिनों देश भर के अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों की हड़ताल का असर अन्य अस्पतालों सहित एम्स ऋषिकेश की चिकित्सीय सेवाओं पर भी पड़ा है। इस समस्या को देखते हुए एम्स अस्पताल प्रशासन ने हड़ताल के चलते अग्रिम आदेशों तक ओपीडी पंजीकरण के समय में बदलाव किया है।

बता दें एम्स अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि सामान्य दिनों में दैनिक तौर पर ओपीडी पंजीकरण का समय सुबह 7 से 11 बजे तक रहता है, लेकिन रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए शुक्रवार से यह इस समय में परिवर्तन कर इसे एक एक घंटा कम कर दिया गया है।

बताया कि ओपीडी प्रभावित न हो इसके लिए फैकल्टी सदस्यों को ओपीडी में अधिक से अधिक समय देने को कहा गया है। उन्होंने इस विपरीत परिस्थितियों में आम लोगों व अस्पताल आने वाले रोगियों से भी सहयोग की अपील की है।

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Author: uttarakhandtime