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साहनी आत्महत्या मामले में आया नया मोड़ कई कंपनियों को भेजा जा रहा नोटिस ।

सत्येंद्र साहनी की आत्महत्या की स्थिति में संदेह को और अधिक गहराया जाना चाहिए। आपके बताए गए तथ्यों के अनुसार, यह स्पष्ट है कि कई कंपनियों में वित्तीय गतिविधियों में अनियंत्रितता हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप सत्येंद्र साहनी जैसे व्यक्ति पर दबाव बढ़ सकता है।इस मामले की गहराई में छानबीन की जानी चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जा सके।

सत्येंद्र साहनी जैसे व्यक्तियों को न्याय मिल सके। इससे आगामी कार्रवाई में ऐसे हस्तक्षेप हो सकते हैं जो वित्तीय अपराधों को रोकने में मदद करेंगे। मामले की छानबीन में सामने आया है कि अवनी परिधि एनर्जी कम्युनिकेंट कंपनी, विजेता वेबरेजर्स कंपनी, सुरपाल पब्लिसिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, इनवी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, अर्जुन सिंह जोहाल कंपनी व NV डिजिटलरीज एंड और ब्रीफेरिस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से मृतक सतेन्द्र सिंह साहनी की कंपनी साहनी स्ट्रक्चर्स एलएलपी व साहनी इंफ्रा एलएलपी में प्रोजेक्ट के लिए 30 करोड़ 95 लाख रूपए का ट्रांजैक्शन हुआ है।

जबकि इन कंपनियों का मृतक के साथ प्रोजेक्ट डील में किसी भी प्रकार से कोई भी अनुबंध नहीं है। जिस संबंध में उक्त कंपनियों को इन ट्रांजेक्शन के संबंध में विवरण प्राप्त किए जाने के लिए अब इन्हें नोटिस भेजे जा है। 24 मई को देहरादून के नामी बिल्डर सतेंद्र सिंह साहनी ने सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। साहनी के पास से मिले सुसाइड नोट में गुप्ता बंधुओं में से एक अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता का नाम सामने आया था। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। साहनी ने सुसाइड नोट में आरोप लगाए थे ।

उन्होंने कांप्लेक्स के निर्माण के लिए अनिल गुप्ता से साझेदारी की थी। लेकिन इस बीच अजय गुप्ता ने दखलअंदाजी करते हुए उन पर पूरा प्रोजेक्ट अपने नाम कराने का दबाव बनाने लगा। बिल्डर साहनी के आत्महत्या के बाद सामने आया की सुसाइड से पहले 16 मई को उन्होंने पुलिस को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था।

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Author: uttarakhandtime