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लगातार बारिश से सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर बढ़ा संकट, भूस्खलन से बार-बार बंद हो रही सड़क

मोटर मार्ग पर बढ़ा संकट,

उत्तराखंड:  में लगातार हो रही मानसूनी बारिश का असर अब पर्वतीय क्षेत्रों की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। रुद्रप्रयाग जिले के  सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर लगातार भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। इससे भगवान शिव-पार्वती के विवाह स्थल के रूप में विश्व प्रसिद्ध  त्रियुगीनारायण धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विवाह समारोहों में शामिल होने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही चमोली जिले में भी लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण सड़कें बंद हैं। विशेष रूप से  नारायणबगड़ क्षेत्र का नलगांव-कफारतीर-भटियाणा मोटर मार्ग पिछले एक सप्ताह से बंद होने के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है।

 भारी बारिश से बार-बार हो रहा भूस्खलन

पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मार्ग पर पहाड़ियों से लगातार मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर गिर रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह मलबे से पट गई, जिससे वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। रविवार देर रात हुई तेज बारिश के बाद बड़ा सांगू क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर सड़क पर आ गए। इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

 यात्रियों को पैदल तय करना पड़ा सफर

सड़क बंद होने के कारण कई यात्रियों को अपने वाहन बीच रास्ते में छोड़कर पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी।विशेष रूप से गुजरात और महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं  को अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनका त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह समारोह निर्धारित था। सड़क बंद होने के कारण उन्हें पैदल चलकर मंदिर तक पहुंचना पड़ा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ा।

 विवाह स्थल के रूप में बढ़ी है त्रियुगीनारायण की पहचान

त्रियुगीनारायण मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यहीं भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। इसी कारण देश-विदेश से अनेक श्रद्धालु और नवविवाहित जोड़े यहां विवाह करने पहुंचते हैं।हालांकि मानसून के दौरान बार-बार सड़क बाधित होने से पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।

 जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता  महेंद्र ने बताया कि बरसात शुरू होते ही इस मार्ग पर लगातार मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर उचित जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई गई। इसके कारण गधेरों (बरसाती नालों) का पानी सीधे सड़क पर बह रहा है, जिससे पहाड़ों की मिट्टी और चट्टानें कमजोर होकर खिसक रही हैं। परिणामस्वरूप लगातार भूस्खलन हो रहा है और यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से स्थायी समाधान के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है।

 मशीनें तैनात, लगातार हटाया जा रहा मलबा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिशासी अभियंता  पवन कुमार ने बताया कि सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए बहाल रखने के उद्देश्य से मलबा हटाने वाली मशीनें संवेदनशील स्थानों के पास पहले से तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही किसी स्थान पर मलबा गिरने की सूचना मिलती है, मशीनों को तत्काल मौके पर भेजकर सफाई कार्य शुरू कर दिया जाता है। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है ताकि मार्ग को अधिक समय तक बंद न रखना पड़े।

  चमोली में भी ग्रामीण सड़कें बंद

लगातार बारिश का असर चमोली जिले में भी देखने को मिल रहा है। नारायणबगड़ क्षेत्र का नलगांव-कफारतीर-भटियाणा मोटर मार्ग  पिछले लगभग एक सप्ताह से बंद पड़ा है। मार्ग बंद होने के कारण ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए  25 से 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी  तय करनी पड़ रही है। इससे मरीजों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों को विशेष परेशानी हो रही है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डी.एस. भंडारी ने बताया कि बंद मार्गों को जल्द खोलने के लिए जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई हैं। लगातार मलबा हटाने का कार्य जारी है, लेकिन बारिश के कारण कार्य में बाधा भी आ रही है। उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल होते ही सभी बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

  प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने से पहले संबंधित विभागों से सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर वाहन चालकों से सावधानी बरतने, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से रुकने से बचने की सलाह दी है।

 

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Author: uttarakhandtime

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