रुड़की: देसी शराब के कैंटीन संचालक अमन हत्याकांड का पुलिस ने एनकाउंटर के बाद बड़ा खुलासा किया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि कांबिंग के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर का तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली है।
क्या था पूरा मामला?
रुड़की कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ढंडेरा निवासी 30 वर्षीय अमन गत 21 अगस्त की रात अपनी कैंटीन बंद करके साथी प्रशांत के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान घात लगाए बैठे पांच बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से प्रशांत रास्ते में ही गिरकर घायल हो गया, जबकि बदमाशों ने अमन का पीछा कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की थी।
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी
22 अगस्त की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि हत्याकांड में शामिल कुछ आरोपी बाइक से भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए घेराबंदी की, जिस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई: पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी सौरभ ताजपुरिया (निवासी डिफेंस कॉलोनी, निकट आकाशदीप कॉलोनी, रुड़की) के पैर में गोली लग गई।
अन्य गिरफ्तारियां: भागने की कोशिश कर रहे दो अन्य बदमाशों—अर्पित सैनी (निवासी ठसका, कोतवाली मंगलौर) और दीप यादव (निवासी माता वाला हसन बाग, कस्बा लंढौरा, कोतवाली मंगलौर)—को पुलिस ने कांबिंग के बाद गिरफ्तार कर लिया।
प्रेम प्रसंग बनी हत्या की वजह
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मृतक अमन का दूसरे पक्ष की एक महिला के साथ प्रेम-प्रसंग था। इसी बात से नाराज होकर परिवार के एक सदस्य ने अपने साथियों के साथ मिलकर अमन को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। पुलिस अब इस हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों—प्रणय और सौरभ उर्फ बल्ली (निवासी रुड़की)—की तलाश में जुटी हुई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।



