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उत्तराखंड के पांच जवानों का बलिदान  शोक में डूबी देवभूमि

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में उत्तराखंड के पांच जवानों ने अपना बलिदान दे दिया। देवभूमि शोक में डूब गई है। परिजन सदमे में है तो वहीं बलिदानियों के घर -गांव में मातम पसर गया है।

कठुआ के बिलावर उपजिले में बदनोता के बरनूड इलाके में जेंडा नाले के पास सेना के एक वाहन पर आतंकियों ने घात लगाकर हमला कर दिया। आतंकी हमले में पांच जवान बलिदान हो गए वहीं कुछ अन्य बुरी तरह से घायल हो गए। हाई अलर्ट और हमले के इनपुट के बीच जम्मू-कश्मीर में एक माह में सबसे बड़ा आतंकी हमला अंजाम दिया गया।

हिजबुल मुजाहिदीन के दुर्दांत आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर सुरक्षाबलों पर हमले के इनपुट सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से लगातार मिल रहे थे। ऐसे में कठुआ जिले में भी हाई अलर्ट था। बाकायदा सभी एजेंसियों को एहतियात बरतने के निर्देश थे।

आतंकी हमले में कीर्तिनगर ब्लॉक के थाती डागर निवासी राइफलमैन आदर्श नेगी, रुद्रप्रयाग निवासी नायब सूबेदार आनंद सिंह, लैंसडौन निवासी हवलदार कमल सिंह, टिहरी गढ़वाल निवासी नायक विनोद सिंह, रिखणीखाल निवासी राइफलमैन अनुज नेगी बलिदान दिया।

सीएम ने जताया दुख
आतंकी हमले में पांच जवानों के वीरगति को प्राप्त होने पर सीएम धामी ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए अत्यंत पीड़ा का क्षण है क्योंकि हमने भाई और बेटा भी खोया है। हमारे रणबाँकुरों ने उत्तराखंड की समृद्ध सैन्य परंपरा का पालन करते हुए मां भारती के चरणों में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

 

मां भारती की रक्षा करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध आपका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। इस कायरतापूर्ण हमले के दोषी, मानवता के दुश्मन आतंकवादी किसी भी क़ीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे और इनको पनाह देने वाले लोगों को भी इसके परिणाम भुगतने होंगे। सैन्यभूमि उत्तराखंड वीर सैनिकों को जन्म देने वाली भूमि है। यहां के जवानों ने सदैव माँ भारती की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देकर अपने राष्ट्रधर्म का निर्वहन किया है।

 

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Author: uttarakhandtime