धामी सरकार का बड़ा फैसला: पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10% आरक्षण, भर्ती 27 जुलाई से

Agniveer

उत्तराखंड में 27 जुलाई से शुरू होगी अग्निवीर भर्ती, धामी सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए 10% आरक्षण और रोजगार सहायता का किया ऐलान

देहरादून: उत्तराखंड में अग्निवीर भर्ती को लेकर युवाओं के लिए बड़ी खबर है। भारतीय सेना ने अग्निवीर भर्ती रैली के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में 27 जुलाई से 6 अगस्त तक भर्ती कैंप आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जेसीओ, हवलदार एजुकेशन, सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट), सिपाही फार्मा सहित कई पदों के लिए भर्ती होगी।

इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने भी अग्निवीर योजना से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में समूह ‘ग’ के पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता तथा कौशल प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है।

27 जुलाई से 6 अगस्त तक चलेगी भर्ती

सेना भर्ती कार्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में अलग-अलग तिथियों पर भर्ती प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। भर्ती में केवल वे अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे जिन्होंने भारतीय सेना की कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CEE) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की है और जिनके प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं।

भर्ती कार्यक्रम

  • 27 जुलाई: धार्मिक शिक्षक (JCO) एवं हवलदार एजुकेशन – उत्तराखंड के सभी जिलों के अभ्यर्थी।
  • 28 जुलाई: सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट)।
  • 29 जुलाई: सिपाही टेक्निकल (नर्सिंग असिस्टेंट) एवं सिपाही फार्मा।
  • 30 जुलाई: बागेश्वर जिले के अभ्यर्थी।
  • 31 जुलाई: बागेश्वर एवं नैनीताल।
  • 1 अगस्त: नैनीताल।
  • 2 अगस्त: नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर।
  • 3 अगस्त: ऊधम सिंह नगर एवं अल्मोड़ा।
  • 4–5 अगस्त: अल्मोड़ा।
  • 6 अगस्त: अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर।

धामी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं।

प्रमुख घोषणाएं

  • समूह ‘ग’ की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण
  • स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता
  • विभिन्न क्षेत्रों में व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण
  • निजी क्षेत्र और अन्य संस्थानों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। राज्य सरकार की नई घोषणाओं के बाद अग्निवीर भर्ती को लेकर युवाओं में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। रोजगार सुरक्षा और आरक्षण जैसी सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने की संभावना जताई जा रही है।

  

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Author: uttarakhandtime

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