हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लेकर पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बनभूलपुरा को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटा है। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ ड्रोन टीमों को भी तैनात किया गया है।
30.040 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है विवाद
सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार मामला रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइन के आसपास की करीब 30.040 हेक्टेयर सार्वजनिक भूमि से जुड़ा है। इस क्षेत्र में लगभग 4,365 मकान हैं और यहां 50 हजार से अधिक लोगों के रहने का उल्लेख अदालत के रिकॉर्ड में है। रेलवे और राज्य सरकार की ओर से जमीन पर अतिक्रमण का मामला उठाया गया है। वहीं प्रभावित लोगों की ओर से जमीन, आवास और पुनर्वास से जुड़े सवाल अदालत के सामने रखे गए हैं। मामले में लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
बनभूलपुरा में भारी पुलिस बल तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस अधिकारियों और जवानों की तैनाती की गई है। पीएसी की दो कंपनियों के अलावा संवेदनशील इलाकों में दो ड्रोन टीमें निगरानी करेंगी। छतों, गलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने साफ किया है कि छतों पर ईंट, पत्थर, रोड़ी, मलबा या अन्य सामान जमा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। अफवाह या भड़काऊ पोस्ट फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
वीआईपी ड्यूटी से अलग रहेगा बनभूलपुरा का फोर्स
हल्द्वानी में बुधवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के चलते कई बड़े नेताओं के पहुंचने की संभावना है। इसके बावजूद बनभूलपुरा में तैनात पुलिसकर्मियों को वीआईपी ड्यूटी से अलग रखा गया है, ताकि वे पूरी तरह इलाके की कानून-व्यवस्था संभाल सकें।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही मामले की अगली तस्वीर साफ होगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।


