देहरादून: उत्तराखंड के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने इन महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) के माध्यम से कराने की तैयारी की है। इसके लिए संबंधित एक्ट में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जा सकता है।
फिलहाल अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रबंधन तंत्र के माध्यम से होती है। चयन समिति में सरकार, विश्वविद्यालय, प्रबंधन समिति के सदस्यों के साथ विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर भर्ती में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।
हरिद्वार के कुछ अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों से 50-50 लाख रुपये तक लिए जाने की शिकायतें सामने आने की बात भी अधिकारियों ने कही है। भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद कई बार इन महाविद्यालयों में नियुक्तियों पर रोक भी लगाई गई।
एक्ट में संशोधन की तैयारी
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार की ओर से शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अब एक्ट में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक, अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयन कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों से जुड़ा मामला
यह बदलाव राज्य के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति से जुड़ा है। इनमें कुछ महाविद्यालय एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। इनमें डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून, डीबीएस कॉलेज, एमकेपी कॉलेज और एसजीआरआर समेत अन्य महाविद्यालय शामिल हैं।
इसके अलावा गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई अन्य महाविद्यालय राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध हैं।
राजकीय महाविद्यालयों की तर्ज पर होगी भर्ती
उत्तराखंड के 118 राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती पहले से ही राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। सरकार अब अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में भी इसी तरह आयोग के माध्यम से भर्ती कराने की तैयारी कर रही है।



