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उत्तराखंड से सोमनाथ तक निकलेगी ‘बाबा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का देगी संदेश

सोमनाथ

 देहरादून। उत्तराखंड से गुजरात स्थित बाबा सोमनाथ धाम तक आयोजित होने वाली ‘बाबा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ का भव्य शुभारंभ कल देहरादून से होगा। उत्तराखंड संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद् की उपाध्यक्ष मधु भट्ट ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पूरे देश तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

उन्होंने बताया कि यात्रा देहरादून से प्रारंभ होकर सीधे बाबा सोमनाथ मंदिर तक पहुंचेगी। यात्रा में प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, संस्कृति प्रेमी और परिषद् के सदस्य शामिल होंगे। यात्रा के दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और प्रकृति संरक्षण के संदेश को विभिन्न स्थानों पर लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

यात्रा के शुभारंभ से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के परम आचार्य सेमवाल जी ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ रुद्राक्ष के पौधे की विशेष पूजा-अर्चना कर यात्रा के सफल आयोजन की कामना की। यह पूजित रुद्राक्ष का पौधा यात्रा के साथ बाबा सोमनाथ धाम ले जाया जाएगा, जहां मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह के साथ इसका रोपण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी है।

खटीमा, नैनीताल, रामनगर सहित उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए परिषद् के सदस्य इस पवित्र पौधे को अपने साथ लेकर यात्रा में शामिल होंगे। परिषद् का मानना है कि यह अभियान लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।

यात्रा का शुभारंभ सावन माह और सोमवार के शुभ अवसर पर हो रहा है। इसी के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक लोक पर्व हरेला और हरियाली महोत्सव का भी आगाज होगा। हरेला पर्व प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना जाता है और इस अवसर पर पौधारोपण की परंपरा निभाई जाती है।

आयोजकों के अनुसार, ‘बाबा सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ श्रद्धा, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम होगी। यात्रा के माध्यम से प्रदेश की धार्मिक परंपराओं, लोक संस्कृति और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देशभर में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

 

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Author: uttarakhandtime

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