रुड़की: यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने, सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से तहसील प्रशासन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग की संयुक्त टीम ने पुहाना और सालियर बाईपास क्षेत्र में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे किए गए स्थायी और अस्थायी अवैध कब्जों को जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया गया तथा कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौजूद रही। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि बाईपास मार्गों के दोनों ओर लंबे समय से कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से दुकानें, टीन शेड, निर्माण सामग्री, खोखे और अन्य अस्थायी ढांचे स्थापित कर लिए गए थे, जिससे सड़क की निर्धारित चौड़ाई प्रभावित हो रही थी।
अधिकारियों के अनुसार इन अवैध कब्जों के कारण वाहनों की आवाजाही में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही थी। कई स्थानों पर सड़क संकरी होने से जाम की स्थिति बन जाती थी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसके अलावा भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के बढ़ते दबाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी रहती थी।
अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से सड़क की सीमा के भीतर किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया। प्रशासन ने सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री और अन्य सामान को भी हटवाया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध दर्ज कराया, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संबंधित लोगों को पूर्व में नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के कारण प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
प्रशासन का कहना है कि पुहाना और सालियर बाईपास क्षेत्र रुड़की के महत्वपूर्ण यातायात मार्ग हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क को अतिक्रमण मुक्त रखना आवश्यक है ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटने के बाद सड़क की उपयोगी चौड़ाई बढ़ेगी, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगी।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय व्यापारियों और निवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे सरकारी भूमि और सड़क की सीमा के भीतर किसी प्रकार का निर्माण या कब्जा न करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति सड़क, राजमार्ग अथवा सरकारी भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण करने और क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।



