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टिहरी के कैथौली गांव में कथित धर्मांतरण के आरोप से मचा बवाल, ग्रामीणों का विरोध; वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस

कैथौली गांव

उत्तराखंड :के टिहरी गढ़वाल जिले के जाखणीधार विकासखंड स्थित कैथौली (कैंथौली) गांव में कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ग्रामीण एक घर में चल रहे कथित क्रिश्चियन सत्संग का विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि सत्संग की आड़ में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक प्रशासन या पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, कैथौली गांव में एक परिवार के घर पर धार्मिक सभा (सत्संग) आयोजित की गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से करीब 30 से 40 लोग एकत्र हुए थे और सत्संग के नाम पर कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। जैसे ही इसकी सूचना ग्रामीणों को मिली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कार्यक्रम का विरोध शुरू हो गया और वहां काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के गांव में इस प्रकार के आयोजन पर आपत्ति जताई और कार्यक्रम बंद कराने की मांग की। इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ग्रामीणों ने लगाए कई आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस व्यक्ति के घर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, उसने चंद्रबदनी धाम के मुख्य मार्ग के समीप कथित रूप से सड़क पर अतिक्रमण कर निर्माण किया है। ग्रामीणों ने उसके धार्मिक और सामाजिक दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी अलग-अलग पहचान बताता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासन ने इन आरोपों की पुष्टि की है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार का अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण या कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि धार्मिक गतिविधियों के नाम पर यदि किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि संचालित हो रही है तो उस पर समय रहते रोक लगाई जानी चाहिए।

प्रशासन का आधिकारिक बयान अभी नहीं

घटना के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं।अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें और अफवाहों से बचें।

टिहरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी कानून का उल्लंघन हुआ है।

टिहरी के क्षेत्राधिकारी (सीओ) महेश लखेड़ा ने कहा

अंजनीसैण क्षेत्र से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें धर्मांतरण के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आते हैं तो आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि किसी व्यक्ति द्वारा भ्रामक एवं तथ्यहीन सूचना प्रसारित की गई है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित धर्मांतरण के आरोपों में कितनी सच्चाई है या मामला किसी गलतफहमी अथवा भ्रामक सूचना का परिणाम है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने, कानून अपने हाथ में न लेने तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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Author: uttarakhandtime