उत्तराखंड :आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय में प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ छात्रों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। सोमवार को परिणामों में हो रही भारी देरी और लंबित परीक्षाओं को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जमकर उग्र प्रदर्शन किया।
ढाई साल से अटके हैं परिणाम, भविष्य अधर में
नाराज छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण कई विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम करीब ढाई साल से अटके हुए हैं। समय पर परिणाम न आने और परीक्षाएं न होने के कारण छात्रों का पूरा शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है।
छात्रों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे कोर्स पर लाखों रुपये खर्च कर चुके हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी की सुस्ती के कारण उनके आगे के करियर के रास्ते पूरी तरह बंद होते नजर आ रहे हैं।
एक महीने में दूसरी बार टंकी पर चढ़े छात्र
हंगामे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक महीने के भीतर यह दूसरी बार है, जब छात्रों को अपनी मांगों को मनवाने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ने जैसा खतरनाक कदम उठाना पड़ा।
प्रशासन और पुलिस में मचा हड़कंप
जैसे ही तीन छात्रों के पेट्रोल लेकर टंकी पर चढ़ने की सूचना मिली, विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक छात्रों और प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी।



