रुद्रपुर : विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान राजनीति गरमा गई। बैठक में मतदाता सूची में कथित डबल वोट और दर्ज आपत्तियों के मुद्दों पर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के नेता आमने-सामने आ गए, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में तीखी नोकझोंक और तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई थी बैठक
सूत्रों के अनुसार, रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में SIR को लेकर बैठक बुलाई गई थी। चर्चा के दौरान मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर विवाद इतना बढ़ गया कि माहौल तनावपूर्ण हो गया।
आपत्तियों पर धमकियों का आरोप
बैठक के बाद भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि SIR के दौरान आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों को लगातार फोन कर और घर जाकर धमकाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
कलेक्ट्रेट के बाहर धरना और पुलिस बल तैनात
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा समेत कई प्रमुख भाजपा नेता कलेक्ट्रेट कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके तुरंत बाद बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस समर्थक भी कलेक्ट्रेट परिसर में जमा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
प्रशासन की नजर
भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी मुख्य मांग एक निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित कराने की है। हालांकि, आपत्तिकर्ताओं को धमकाने के लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।



