उत्तराखंड में लागू हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक: राष्ट्रपति मंजूरी के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां समान नागरिक संहिता कानून लागू हो गया है।

उत्तराखंड: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अपनी मंजूरी दिए जाने के बाद उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है। यह ऐतिहासिक घटना 13 मार्च 2024 को हुई, जब उत्तराखंड सरकार ने UCC अधिसूचना जारी की।

UCC क्या है?

समान नागरिक संहिता (UCC) सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने का प्रावधान करता है, चाहे उनकी जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो। यह कानून विवाह, तलाक, विरासत, और अन्य व्यक्तिगत मामलों से संबंधित होगा।

उत्तराखंड UCC के मुख्य बिंदु:

  • विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा।
  • बाल विवाह और बहुपत्नी प्रथा पर प्रतिबंध होगा।
  • सभी धर्मों के लिए समान विवाह और तलाक कानून होंगे।
  • संपत्ति का अधिकार समान होगा।
  • सभी धर्मों के लिए समान उत्तराधिकार कानून होंगे।

UCC के फायदे:

  • UCC लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
  • यह सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करेगा।
  • यह सामाजिक न्याय को बढ़ावा देगा।
  • यह धार्मिक भेदभाव को कम करेगा।

 

UCC के नुकसान:

  • कुछ समुदायों को UCC के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति हो सकती है।
  • UCC को लागू करने में समय और प्रयास लगेगा।
  • UCC का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना चुनौतीपूर्ण होगा।

निष्कर्ष:

उत्तराखंड में UCC का लागू होना एक ऐतिहासिक घटना है। यह लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। UCC के क्रियान्वयन से उत्तराखंड में सभी नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद है।

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Author: uttarakhandtime

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