2036 ओलंपिक मेजबानी के संकल्प के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या निकालेंगी विशेष कांवड़ यात्रा, 10 अगस्त को हरिद्वार से ऋषिकेश तक होगा आयोजन
देहरादून: उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने घोषणा की है कि भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प के साथ 10 अगस्त को हरिद्वार से ऋषिकेश तक एक विशेष कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ खेलों के प्रति जनजागरूकता और राष्ट्रीय संकल्प को जोड़ना है।
सोमवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में खेल मंत्री ने बताया कि यह यात्रा हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से शुरू होकर ऋषिकेश के वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के चरणों में जल अर्पित कर भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलने तथा देश को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने का संकल्प लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री के विजन से जोड़ा अभियान
रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनाने और 2036 ओलंपिक की मेजबानी प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी सोच को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए यह विशेष कांवड़ यात्रा आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि खेल संस्कृति, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। देवभूमि उत्तराखंड से उठने वाला यह संदेश देशभर के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा।
संत समाज और खिलाड़ी भी होंगे शामिल
खेल मंत्री के अनुसार यात्रा में संत समाज, खिलाड़ी, युवा, खेल प्रेमी और आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराजभी यात्रा के विभिन्न चरणों में शामिल होंगे।
युवाओं से की सहभागिता की अपील
रेखा आर्या ने प्रदेश के युवाओं, खिलाड़ियों, खेल संगठनों, संत समाज और आम जनता से 10 अगस्त को हर की पौड़ी से ऋषिकेश तक आयोजित इस विशेष कांवड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक संकल्प और जनसमर्थन से भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकता है।
क्या है 2036 ओलंपिक मेजबानी का लक्ष्य?
भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी की इच्छा सार्वजनिक रूप से व्यक्त की है। केंद्र सरकार और भारतीय खेल प्रशासन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए आवश्यक तैयारियों और प्रक्रियाओं पर कार्य कर रहे हैं। हालांकि, 2036 ओलंपिक की मेजबानी किस देश को मिलेगी, इसका अंतिम निर्णय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा भविष्य में निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
मुख्य बिंदु
- 10 अगस्त को हरिद्वार से ऋषिकेश तक विशेष कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी।
- यात्रा का उद्देश्य भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी मिलने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त करना है।
- हर की पौड़ी से शुरू होकर वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा।
- संत समाज, खिलाड़ी, युवा और आम नागरिक यात्रा में शामिल होंगे।
- खेल मंत्री ने इसे धार्मिक आस्था, खेल चेतना और राष्ट्र निर्माण के संगम के रूप में बताया।



