बदरीनाथ हाईवे पर ऑल वेदर रोड कार्यों पर उठे सवाल, कमेड़ा में दीवार धंसी और बेलाकूची में पड़ीं दरारें
चमोली/गौचर, उत्तराखंड | 8 अगस्त 2026
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत किए जा रहे सुधारीकरण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के बीच गौचर के पास कमेड़ा तथा पीपलकोटी के निकट बेलाकूची क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार कमेड़ा में नवनिर्मित सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा धंस गया है, जबकि बेलाकूची में नई दीवार में दरारें दिखाई दी हैं।
ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत संवेदनशील ढलानों को सुरक्षित करने के लिए रिटेनिंग वॉल, एंकरिंग और अन्य भू-सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं। कमेड़ा क्षेत्र लंबे समय से भूधंसाव और भूस्खलन के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। इसी कारण यहां ढलान स्थिरीकरण के कार्य चल रहे थे। हालांकि हाल की बारिश के बाद प्रभावित हिस्से में फिर से भूधंसाव शुरू होने की सूचना सामने आई है।
बेलाकूची क्षेत्र में भी हाईवे किनारे हाल में निर्मित सुरक्षा दीवार पर मोटी दरारें दिखाई देने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी है। इससे निर्माण कार्यों की स्थायित्व क्षमता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि संबंधित एजेंसियों ने अभी तक किसी व्यापक क्षति या मार्ग के स्थायी रूप से बंद होने की पुष्टि नहीं की है।
कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित स्थलों का तकनीकी परीक्षण कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ टीम भूधंसाव और दरारों के कारणों का अध्ययन करेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थायी उपचारात्मक उपाय किए जाएंगे। फिलहाल प्रभावित हिस्सों में मिट्टी भरान और अन्य अस्थायी सुरक्षा उपायों के माध्यम से यातायात सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग हिमालयी भू-भाग से होकर गुजरता है, जहां मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामान्य रूप से बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञ लंबे समय से ऐसे क्षेत्रों में जल निकासी, ढलान स्थिरीकरण और भू-वैज्ञानिक परीक्षणों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते रहे हैं। वर्तमान घटनाओं के बाद परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों की तकनीकी समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बदरीनाथ मार्ग पर यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतें।



