उत्तराखंड में जनगणना की तैयारी तेज, हिमाच्छादित क्षेत्रों में 1 सितंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना

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देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य के हिमाच्छादित और गैर-सिंक्रोनस क्षेत्रों में जनसंख्या गणना देश के अन्य हिस्सों से पहले कराई जाएगी। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अनुसार, उत्तराखंड के चार हिमाच्छादित जिलों के 131 गांवों और तीन नगरीय क्षेत्रों में सितंबर 2026 में जनसंख्या गणना की जाएगी।

17 अगस्त से शुरू होगी स्व-गणना

जनगणना के दूसरे चरण से पहले इन क्षेत्रों में 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना की जाएगी। 1 से 5 अक्टूबर तक रिविजनल राउंड आयोजित किया जाएगा।

इन हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि निर्धारित है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और बर्फबारी वाले क्षेत्रों में समय रहते गणना पूरी की जा सके।

चार जिलों के 131 गांव होंगे शामिल

सितंबर में होने वाली विशेष जनसंख्या गणना उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों के 131 गांवों तथा तीन नगरीय क्षेत्रों में होगी। केंद्र सरकार की ओर से इसकी पुष्टि की जा चुकी है।

गणना के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे, जबकि नागरिकों को पहली बार अपनी जानकारी ऑनलाइन स्व-गणना के माध्यम से दर्ज करने का विकल्प भी दिया गया है। स्व-गणना पूरी होने के बाद एक Self-Enumeration ID (SE ID) जारी होगी, जिसे प्रगणक के साथ साझा किया जा सकेगा।

देश में फरवरी 2027 में होगी सामान्य जनसंख्या गणना

सरकार के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनगणना-2027 दो चरणों में होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण और आवास गणना का काम अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। उत्तराखंड में इस चरण की शुरुआत अप्रैल 2026 में हो चुकी है और राज्य में 30 हजार से अधिक प्रगणक एवं पर्यवेक्षक लगाए गए हैं।

दूसरे चरण में देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में होगी। इसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 निर्धारित की गई है। वहीं उत्तराखंड के हिमाच्छादित गैर-सिंक्रोनस क्षेत्रों के लिए अलग संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 रखी गई है।

विधानसभा चुनाव से पहले पूरे उत्तराखंड में गणना की चर्चा

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए राज्य में जनगणना के सामान्य कार्यक्रम में किसी बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, पूरे उत्तराखंड में नवंबर-दिसंबर 2026 में जनसंख्या गणना कराने की आधिकारिक अधिसूचना अभी सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम कार्यक्रम की पुष्टि केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद ही होगी।

फिलहाल आधिकारिक रूप से इतना स्पष्ट है कि राज्य के बर्फीले और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में होगी, जबकि देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। जनगणना-2027 में डिजिटल तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उत्तरदाताओं को स्व-गणना की सुविधा देने के साथ-साथ प्रगणकों द्वारा मोबाइल आधारित डिजिटल माध्यम से आंकड़े दर्ज किए जाएंगे। इससे आंकड़ों के संग्रह और प्रबंधन की प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक तेज और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

 

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Author: uttarakhandtime

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