पीपलकोटी टनल हादसा: 8 श्रमिकों की मौत, 2 अब भी लापता; रेस्क्यू अभियान जारी, THDC कार्यालय के बाहर UKD का प्रदर्शन
चमोली/पीपलकोटी: उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टेल रेस टनल में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक 8 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 श्रमिक अभी भी लापता हैं। 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
पानी और मलबे के बीच जारी है सर्च ऑपरेशन
लापता श्रमिकों की तलाश के लिए NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। टनल के अंदर जमा पानी को बाहर निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं।
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टनल के अंदर जमा पानी, मलबा, मशीनरी और निर्माण सामग्री है। इन परिस्थितियों के कारण बचाव दलों की आवाजाही और सर्च ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार टीमें उस हिस्से तक पहुंच चुकी हैं जहां भारी मलबा जमा हुआ था, लेकिन अभी तक दोनों लापता श्रमिकों का पता नहीं चल पाया है।
हादसे की जांच के आदेश
हादसे के बाद निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में श्रमिकों द्वारा पहले टनल में मलबा गिरने और पानी आने जैसी समस्याओं की शिकायत किए जाने का दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र जांच जरूरी है और इन्हें फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की जांच की जा सके।
मुआवजे को लेकर भी उठे सवाल
हादसे के बाद मृत श्रमिकों के परिवारों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर भी विवाद सामने आया है। THDC ने मृतकों के निकटतम परिजन को 5 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को 1 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
वहीं, श्रमिकों और कुछ संगठनों ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए मृतकों के परिवारों के लिए अधिक मुआवजे की मांग की है। रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों के परिजनों के लिए एक करोड़ रुपये तक के मुआवजे और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने की मांग भी सामने आई है।
THDC कार्यालय के बाहर UKD का प्रदर्शन
इसी मामले को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के कार्यकर्ताओं ने पीपलकोटी स्थित THDC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मृत श्रमिकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और हादसे की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान UKD कार्यकर्ताओं की सुरक्षा कर्मियों से बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हादसा कंपनी की लापरवाही के कारण हुआ और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। हालांकि, कंपनी की लापरवाही का आरोप अभी जांच का विषय है और अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के बाद ही तय होगी।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि THDC के अधिकारी मौके पर आकर उनसे बातचीत करें और मुआवजे को लेकर स्पष्ट आश्वासन दें।
फिलहाल दो श्रमिकों की तलाश सबसे बड़ी चुनौती
पीपलकोटी टनल हादसे में अब तक 8 श्रमिकों की मौत हो चुकी है और 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। दो श्रमिक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल टनल के अंदर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
पानी और मलबे के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमें लापता श्रमिकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। पूरे मामले में अब सभी की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन और हादसे की जांच के नतीजों पर टिकी हैं।



