रुद्रपुर में आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक, मजदूर की दर्दनाक मौत

IceFactory

उत्तराखंड :  उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र में स्थित एक आइस  फैक्ट्री में गुरुवार को अमोनिया गैस रिसाव की दर्दनाक घटना सामने आई। हादसे में एक मजदूर की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में कार्यरत मजदूर नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) का काम कर रहा था। वह अमोनिया पाइपलाइन से जुड़े एक वाल्व या नेट को खोल रहा था, तभी अचानक तेज दबाव के साथ अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस सीधे मजदूर के संपर्क में आ गई, जिससे उसकी तबीयत कुछ ही सेकंड में बिगड़ने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गैस लगते ही मजदूर को सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई और वह मौके पर ही तड़पने लगा। साथी कर्मचारियों ने उसे तुरंत बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन गैस का प्रभाव इतना तेज था कि उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।घटना के तुरंत बाद घायल मजदूर को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के मुंडापांडे क्षेत्र के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

 मौके पर पहुंची NDRF और प्रशासन

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग तथा एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। फैक्ट्री परिसर को एहतियातन खाली कराया गया और गैस रिसाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद ली गई। अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्र की भी निगरानी की ताकि किसी अन्य व्यक्ति पर गैस का प्रभाव न पड़े। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जाएगा कि गैस रिसाव तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या उपकरणों के रखरखाव में कमी के कारण हुआ। यदि जांच में फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अमोनिया आधारित संयंत्रों में नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण, गैस सेंसर, इमरजेंसी अलार्म और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होना अनिवार्य है। एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।

uttarakhandtime
Author: uttarakhandtime

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *