देहरादून: 9 जुलाई: उत्तराखंड में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले 48 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार 14 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, अचानक बाढ़, जलभराव और सड़कें बाधित होने जैसी स्थितियों की आशंका बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। साथ ही तेज गर्जना, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा सहित अन्य पर्वतीय जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट वाले जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लगातार बारिश को देखते हुए चारधाम यात्रा पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की पूरी जानकारी अवश्य लें। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की आशंका बनी हुई है। कई संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, एसडीआरएफ और लोक निर्माण विभाग की टीमें तैनात की गई हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। जेसीबी मशीनें, एम्बुलेंस और राहत सामग्री भी संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पहले से तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 10 और 11 जुलाई को कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई इलाकों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों के पास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
रेड अलर्ट: हरिद्वार, देहरादून, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत।
ऑरेंज अलर्ट: उत्तराखंड के अन्य सभी पर्वतीय जिले।
स्कूल बंद: प्रभावित पांच जिलों में कक्षा 1 से 12वीं और आंगनबाड़ी केंद्र बंद।
अवधि: मौसम का यह खतरनाक दौर 14 जुलाई तक बना रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तुरंत स्थानीय पुलिस, जिला आपदा प्रबंधन केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे, इसलिए सतर्कता, सावधानी और समय पर जारी सरकारी निर्देशों का पालन ही सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी उपाय है।



