उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने प्रेम नगर आश्रम में आयोजित मुरारी बापू की रामकथा में सहभागिता की। कथा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में चढ़ावे को लेकर सामने आए कथित अनियमितता के मामले, चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं तथा प्रदेश में मानसून की तैयारियों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
बीकेटीसी चढ़ावा मामले पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री धामी ने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन में सामने आए कथित गड़बड़ी के मामले को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े संस्थानों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या गबन समाज के विश्वास पर सीधा आघात है।
उन्होंने कहा कि पवित्र धामों में इस प्रकार की हरकत अक्षम्य अपराध है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों पर गड़बड़ी करना अत्यंत गंभीर पाप है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष जांच समिति का गठन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। साथ ही पुलिस ने संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी दोषी को उसके पद या प्रभाव के आधार पर राहत नहीं मिलेगी।उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जिससे भविष्य में धार्मिक संस्थानों में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो।
मंदिर प्रबंधन में होंगे सुधार
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी। यदि कहीं प्रशासनिक या वित्तीय स्तर पर कमियां पाई जाती हैं तो उन्हें दूर किया जाएगा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखना और मंदिरों की व्यवस्थाओं को अधिक जवाबदेह एवं आधुनिक बनाना है। राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। यात्रा मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात व्यवस्था और आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मानसून की स्थिति पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में मानसून सक्रिय हो चुका है और अगले दस दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी
संभावित आपदाओं से निपटने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। भूस्खलन संभावित मार्गों पर मशीनें और राहत दल तैनात किए गए हैं। आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय हैं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।उन्होंने लोगों और यात्रियों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि चाहे मंदिर प्रबंधन में सुधार का मामला हो या मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन, सरकार हर मोर्चे पर पूरी जिम्मेदारी और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।



