उत्तराखंड में होम स्टे के लिए 5 लाख रुपये तक का अनुदान, ट्रेकिंग पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

होम स्टे

उत्तराखंड सरकार ने राज्य में ग्रामीण और ट्रेकिंग पर्यटन को नई गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) की 24वीं बोर्ड बैठक में ट्रेकिंग मार्गों पर संचालित होम स्टे के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। अब पात्र लाभार्थियों को एक होम स्टे पर अधिकतम 5 लाख रुपये तक का अनुदान  मिल सकेगा। यह निर्णय पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पहले ट्रेकिंग रूट पर नए होम स्टे निर्माण के लिए प्रति कमरा 60 हजार रुपये तक का अनुदान मिलता था। अब इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति कमरा  कर दिया गया है। एक होम स्टे परियोजना पर अधिकतम अनुदान की सीमा  5 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा, पुराने होम स्टे के कमरों की मरम्मत, नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए मिलने वाली सहायता भी  25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रति कमरा  कर दी गई है।

सरकार का उद्देश्य

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि राज्य के दूरस्थ ट्रेकिंग मार्गों पर पर्यटकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित करने से स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि गांवों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन पर रोक लगाना भी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के  10 से 15 प्रमुख ट्रेकिंग मार्गों  पर आधुनिक कम्युनिटी सेंटर विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों में पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ट्रेकिंग अनुभव अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा।

 एडवेंचर टूरिज्म के नियम होंगे सख्त

परिषद ने राफ्टिंग और कयाकिंग नियमावली-2014 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। नए प्रावधानों के तहत:

  •  पर्यटकों के लिए  टाइप-5 लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
  • सभी रिवर राफ्टिंग गाइडों के लिए  सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा।
  •  दुर्घटना, लापरवाही या पर्यटकों के साथ दुराचार की स्थिति में संबंधित ऑपरेटर का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकेगा।

 धार्मिक और एडवेंचर पर्यटन पर विशेष फोकस

बैठक में राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास का भी खाका तैयार किया गया। कैंची धाम, त्रियुगीनारायण मंदिर और कार्तिक स्वामी मंदिर के लिए विशेष “डेस्टिनेशन प्लान” तैयार किए जाएंगे। त्रियुगीनारायण को डेस्टिनेशन वेडिंग हब और कार्तिक स्वामी क्षेत्र को ट्रेकिंग व धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

पर्यटन परिषद ने 3,121 स्थानीय युवाओं को साहसिक पर्यटन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों—माउंटेनियरिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, हाई एल्टीट्यूड गाइड और वाइल्डरनेस फर्स्ट एड—का प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं को पर्यटन उद्योग में रोजगार योग्य बनाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अनुदान बढ़ने से पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण होम स्टे की संख्या बढ़ेगी। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उत्तराखंड का ट्रेकिंग एवं एडवेंचर पर्यटन राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक आकर्षक बन सकेगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक जीवनशैली को भी बढ़ावा मिलेगा।

 

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Author: uttarakhandtime

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