धर्मनगरी हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में चैत्र नवरात्रि का भव्य समापन हुआ। नौ दिनों तक चले इस पर्व के अंतिम दिन परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कन्या पूजन और कन्या भोज का विशेष आयोजन
अष्टमी और महानवमी के अवसर पर कन्या पूजन (कंजक पूजन) और कन्या भोज का आयोजन किया गया। छोटी-छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण धोए गए, आरती उतारी गई और सात्विक भोजन कराया गया। इसके साथ ही उन्हें उपहार भेंट कर नारी शक्ति के सम्मान का संदेश दिया गया।
बाबा रामदेव का सनातन जागरण का संदेश
इस अवसर पर बाबा रामदेव ने रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मिक जागरण और दिव्यता की स्थापना का समय है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर भगवान राम, कृष्ण और माँ भवानी की दिव्यता का वास होना चाहिए, यही सनातन धर्म का मूल तत्व है।
ये भी पढ़े : धामी सरकार के 4 साल पूरे, ‘चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आगाज
नारी शक्ति के सम्मान का आह्वान
बाबा रामदेव ने कहा कि केवल खुद को हिंदू कहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सनातन के मूल स्वरूप को अपनाना जरूरी है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे अपने जीवन में नारी शक्ति का सम्मान करें और धर्म के मूल सिद्धांतों को अपनाकर समाज को सशक्त बनाएं।



