लेटेस्ट न्यूज़
निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर हरिद्वार की सड़कों पर उतरी कांग्रेस: शैलजा का सरकार पर तीखा हमला, हरदा के सवाल पर कहा— ‘यह पार्टी का अंदरूनी मामला’ | JCB से फूलों की बारिश, नारों की गूंज: रामनगर में हरीश रावत का भव्य स्वागत | Haridwar : हरिद्वार कुंभ मेला 2027: स्वच्छता को लेकर तैयारियां तेज, 32 सेक्टरों में तैनात होंगे 13 हजार से अधिक टॉयलेट और हाईटेक सफाई तंत्र | पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों को मिलेगा ज्यादा वेतन, धामी कैबिनेट में मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी | रुड़की: खानपुर में चेकिंग के दौरान पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, आरोपी के पैर में लगी गोली | देहरादून में अवैध सिम बॉक्स कॉल सेंटर का बड़ा भंडाफोड़, एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की संयुक्त कार्रवाई |
300x250 (Top)

मदरसों में होगा मंत्रोच्चारण… उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला,

देहरादून: उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड में पंजीकृत मदरसों में जल्द ही विषय के रूप में संस्कृत  पढ़ाई जाएगी। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून काजमी ने बताया कि संस्कृत प्राचीन भाषा है। बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस संबंध में शीघ्र ही बोर्ड और संस्कृत शिक्षा विभाग के मध्य एमओयू हस्ताक्षरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में आधुनिक मदरसों में संस्कृत पढ़ाई जाएगी।मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष कासमी ने कहा कि संस्कृत और अरबी दोनों प्राचीन भाषाएं हैं। यदि मौलवी को संस्कृत आ जाए और पंडितजी को अरबी तो इससे बेहतर क्या होगा। उन्होंने कहा कि मदरसों में संस्कृत विषय को पढ़ाने के संबंध में संस्कृत शिक्षा विभाग से बातचीत चल रही है। 6 साल पहले मदरसों में संस्कृत पढ़ाने की मांग उठाई थी  प्रयास है कि शीघ्र ही  इस बारे में एमओयू हस्ताक्षरित हो जाए। बोर्ड में पंजीकृत सभी 416 मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है। मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि मदरसों में पढऩे वाले बच्चे भी इंजीनियर, डॉक्टर, आइएएस, आइपीएस बनें। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान मदरसों में अध्ययनरत बच्चों को राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।

uttarakhandtime
Author: uttarakhandtime