देहरादून। नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद देहरादून में रह रहे नेपाली मूल के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गढ़ी कैंट, राजपुर समेत शहर के कई इलाकों में रहने वाले लोग लगातार नेपाल में अपने परिजनों और परिचितों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण कई लोगों का संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में 26 अगस्त को अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी में भारी जलप्रवाह आया, जिसका असर आगे त्रिशूली नदी तक देखने को मिला। बाढ़ और मलबे की तेज धार ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए हैं।
देहरादून में अपनों की तलाश
नेपाल में आपदा की खबर सामने आने के बाद देहरादून में रह रहे नेपाली मूल के लोग लगातार अपने परिवार और परिचितों को फोन कर रहे हैं। गढ़ी कैंट और राजपुर क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि आपदा प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के कारण उन्हें अपनों की सही स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोन संपर्क होने के बाद ही नेपाल में अपने परिजनों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
गोरखा समाज से जुड़े लोगों ने इस मुश्किल समय में नेपाल के प्रभावित लोगों की मदद के लिए सहयोग की अपील की है। स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि उत्तराखंड और नेपाल के बीच लंबे समय से सामाजिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं, इसलिए इस आपदा के समय प्रभावित लोगों तक राहत और सहायता पहुंचाना जरूरी है।
बड़ी संख्या में लोग लापता
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरें सामने आई हैं। भारतीय नागरिक भी प्रभावित लोगों में शामिल हैं। बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है। संचार व्यवस्था और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत एवं खोज अभियान में चुनौतियां बनी हुई हैं।
देहरादून में रह रहे नेपाली मूल के लोगों ने उत्तराखंड सरकार और संबंधित एजेंसियों से नेपाल में फंसे भारतीयों और अन्य प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव सहयोग करने की अपील की है। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रभावित क्षेत्रों से संपर्क बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



