नई दिल्ली। उत्तराखंड में आगामी चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी सियासी तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के केंद्रीय नेतृत्व और उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में प्रदेश के राजनीतिक हालात, संगठन की मजबूती और आगामी चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल, उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य शामिल हुए। इसके साथ ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत भी बैठक में मौजूद रहे। पार्टी के सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा और मनोज यादव ने भी विचार-विमर्श में हिस्सा लिया।
चुनावी तैयारियों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व ने लिया फीडबैक
बैठक में उत्तराखंड के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य और प्रदेश संगठन की गतिविधियों पर चर्चा हुई। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और चुनाव प्रबंधन से जुड़े विषयों पर मंथन किया।
पार्टी की रणनीति को प्रभावी बनाने और प्रदेश स्तर पर संगठन की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश संगठन को सक्रिय करने और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रहा है।
खरगे और राहुल की मौजूदगी से बढ़ा राजनीतिक महत्व
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी ने इस बैठक को खास महत्व दिया है। चुनाव अभियान समिति और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्षों की भागीदारी से साफ है कि बैठक में संगठन के साथ-साथ चुनावी तैयारियों के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार किया गया।
हालांकि, बैठक के बाद किसी बड़े फैसले या चुनावी रणनीति की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसके बावजूद केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच हुई इस चर्चा को उत्तराखंड में पार्टी की आगामी चुनावी तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि इस बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन अपनी चुनावी रणनीति को किस तरह जमीन पर उतारता है।



