देहरादून। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड भाजपा का नया प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किया है। भाजपा के संगठनात्मक फेरबदल में उन्हें उत्तराखंड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होने की जानकारी सामने आई है।
फणीन्द्रनाथ शर्मा इससे पहले हरियाणा भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सितंबर 2026 में भी हरियाणा में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों में वे प्रदेश संगठन महामंत्री के तौर पर सक्रिय रहे। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा में उनकी भूमिका सामने आई है।
असम-त्रिपुरा में भी संभाल चुके हैं जिम्मेदारी
फणीन्द्रनाथ शर्मा का संगठनात्मक अनुभव कई राज्यों से जुड़ा रहा है। भाजपा के मौजूदा फेरबदल में उनके उत्तराखंड आने के साथ असम और त्रिपुरा की जिम्मेदारी जी.आर. रविंद्र राजू के पास जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
शर्मा संगठनात्मक गतिविधियों, बूथ स्तर के काम और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को लेकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय रहे हैं। हरियाणा में भी उन्होंने बूथ सशक्तीकरण और संगठन की जमीनी गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया था।
अजय कुमार के बाद खाली था पद
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन का पद अजय कुमार के राजस्थान स्थानांतरण के बाद खाली था। अजय कुमार ने करीब सात साल तक उत्तराखंड भाजपा में संगठन महामंत्री के रूप में काम किया। जून 2026 में उन्हें राजस्थान भाजपा का प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किया गया था।
अब फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश भाजपा के संगठन में नया नेतृत्व आया है। आगामी समय में उनके सामने राज्य के संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं के समन्वय और अलग-अलग क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी रहेगी।
उत्तराखंड में चुनौतीपूर्ण होगी जिम्मेदारी
उत्तराखंड भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से अलग-अलग परिस्थितियों वाला राज्य है। पर्वतीय जिलों और मैदानी क्षेत्रों में संगठनात्मक कामकाज की परिस्थितियां भी अलग हैं। ऐसे में नए प्रदेश महामंत्री संगठन के सामने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन के साथ समन्वय बनाए रखने और बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी। फणीन्द्रनाथ शर्मा के पिछले संगठनात्मक अनुभव को देखते हुए अब उत्तराखंड भाजपा में उनकी भूमिका पर नजर रहेगी।



