पिथौरागढ़: नेपाल के दार्चुला जिले के भट्टार क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच हुए भूस्खलन ने चौलानी यानी चमेलिया नदी के प्रवाह को प्रभावित किया है। शुक्रवार को भूस्खलन के मलबे से नदी का रास्ता कुछ समय के लिए बाधित हुआ, जिससे आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो गया। नेपाल प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
नदी का बहाव फिलहाल सामान्य
ताजा प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक चमेलिया नदी का पानी फिलहाल फिर सामान्य रूप से बह रहा है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। भट्टार क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण नदी दोबारा अवरुद्ध होने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
10 परिवार सुरक्षित स्थान पर भेजे गए
भूस्खलन से भट्टार बस्ती पर खतरा बढ़ने के बाद करीब 10 परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल मौके पर निगरानी कर रहे हैं। भूस्खलन से क्षेत्र की सड़क और ट्रैकिंग मार्ग भी प्रभावित हुए हैं।
रास्ते की स्थिति
भूस्खलन के कारण अपिहिमाल बेस कैंप की ओर जाने वाला रास्ता प्रभावित हुआ है। हालांकि नदी का प्रवाह सामान्य होने की जानकारी है, लेकिन लगातार बारिश और अस्थिर पहाड़ी के कारण इस क्षेत्र में आवाजाही को अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
भारत के सीमावर्ती इलाकों पर नजर
चमेलिया नदी आगे चलकर महाकाली नदी तंत्र से जुड़ती है। ऐसे में नेपाल में नदी का प्रवाह अचानक बढ़ने या दोबारा रुकने की स्थिति का असर नीचे की ओर पड़ सकता है। इसी वजह से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में भी नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
फिलहाल भारत की ओर किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि भूस्खलन दोबारा बढ़ता है और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद होता है, तो जमा पानी अचानक नीचे की ओर बह सकता है। नेपाल प्रशासन ने इसी संभावित खतरे को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने को कहा है।
फिलहाल नदी का बहाव सामान्य है, लेकिन भट्टार में भूस्खलन का खतरा बरकरार है और प्रशासन हाई अलर्ट पर है।



