उत्तराखंड: रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से करीब एक सप्ताह पहले लापता हुई 28 वर्षीय युवती को उत्तराखंड पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम ने मंगलवार शाम सुंदरखाल के घने जंगल से सकुशल बरामद कर लिया। लगातार बारिश, फिसलन भरे रास्तों और दुर्गम पहाड़ी इलाके के बावजूद पांच दिनों तक चले व्यापक खोज अभियान के बाद युवती का पता लगाया जा सका।
पुलिस के अनुसार युवती एक जुलाई की शाम अपने घर से बिना किसी को बताए निकल गई थी। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद युवती के पिता गिरीश पुजारी ने तीन जुलाई को रानीखेत कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), उत्तराखंड फायर सर्विस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), डॉग स्क्वॉड तथा वन विभाग की संयुक्त टीमों को खोज अभियान में लगाया गया। अभियान के दौरान मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल और बूबूधाम के जंगलों और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार कॉम्बिंग की गई। तलाश अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जांच टीम ने क्षेत्र में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा दुर्गम इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों, वनकर्मियों और अन्य लोगों से भी पूछताछ कर संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई।
सुंदरखाल के जंगल में मिली युवती
मंगलवार शाम संयुक्त टीम को सुंदरखाल गांव से लगभग चार किलोमीटर भीतर घने जंगल में युवती दिखाई दी। टीम ने सावधानीपूर्वक उसके पास पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में वह जीवित मिली, हालांकि लंबे समय तक जंगल में रहने और शारीरिक कमजोरी के कारण उसकी हालत थकी हुई थी। मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे स्ट्रेचर के सहारे लगभग छह किलोमीटर पैदल मुख्य सड़क तक लाया गया। वहां पहले से मौजूद एंबुलेंस के माध्यम से उसे राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
लगातार बारिश ने बढ़ाई चुनौती
सर्च अभियान के दौरान लगातार हो रही बारिश, घना जंगल, खड़ी चढ़ाइयां और फिसलन भरे रास्ते बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती बने रहे। कई स्थानों पर टीमों को पैदल और कठिन रास्तों से गुजरते हुए तलाशी अभियान चलाना पड़ा। इसके बावजूद सभी एजेंसियों ने समन्वय के साथ अभियान जारी रखा और अंततः युवती को सुरक्षित खोज निकाला।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवती की चिकित्सकीय जांच पूरी होने और उसकी स्थिति सामान्य होने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह घर से किन परिस्थितियों में गई थी और इतने दिनों तक जंगल में कैसे रही। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि प्राथमिकता उसकी स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।



