रुद्रप्रयाग: नगरासू गुरुद्वारे में चौथे दिन भी गतिरोध जारी, 5-6 निहंग अब भी छत पर डटे

नगरासू गुरुद्वारे

रुद्रप्रयाग: जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच चल रहा गतिरोध लगातार लंबा खिंचता जा रहा है। चार दिनों से जारी इस घटनाक्रम ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की चिंता भी बढ़ा दी है। गुरुद्वारे की चौथी, पांचवीं मंजिल और छत पर अब भी 5 से 6 निहंग सिख मौजूद हैं, जबकि पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 20 जून की शाम 7 से 8 निहंग सिख गुरुद्वारे में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इससे पहले कर्णप्रयाग क्षेत्र में हुए एक विवाद के बाद पुलिस कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद मामला और संवेदनशील हो गया। गुरुद्वारे पहुंचने के बाद निहंगों ने ऊपरी मंजिलों पर डेरा जमा लिया। शुरुआती चरण में दो सेवादारों को बंधक बनाए जाने की बात भी सामने आई थी, हालांकि बाद में उन्हें सुरक्षित छोड़ दिया गया। 21 जून को एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं 22 जून को एक अन्य निहंग उस समय पुलिस के कब्जे में आ गया, जब वह भोजन लेने नीचे पहुंचा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया। इसके बाद गुरुद्वारे के भीतर मौजूद निहंगों की संख्या घटकर 5 से 6 रह गई है।

गुरुद्वारे के सेवादार परविंदर सिंह के मुताबिक, पूरे परिसर में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से श्रद्धालु गुरुद्वारे आने से कतरा रहे हैं। सामान्य दिनों में जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचते थे, वहीं अब गुरुद्वारा लगभग खाली नजर आ रहा है।सेवादार ने दावा किया कि रविवार सुबह कुछ निहंग भोजन लेने नीचे आए थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तलवारें लहराने के कारण जवान पीछे हट गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों से पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की दिशा में पत्थर फेंके गए।

सूत्रों के अनुसार, गुरुद्वारे के भीतर मौजूद निहंगों तक लगातार भोजन पहुंच रहा है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों और सेवादारों ने यह भी दावा किया है कि पिछले रास्ते से भांग पहुंचाई गई थी। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मामले की जांच की जा रही है।स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल, आईटीबीपी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन किसी भी तरह की बलपूर्वक कार्रवाई से बचते हुए बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।

गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य भी लगातार निहंगों से संपर्क साध रहे हैं और उन्हें शांतिपूर्वक बाहर आने के लिए समझा रहे हैं। हालांकि अब तक बातचीत का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही गतिरोध समाप्त होगा और गुरुद्वारे में सामान्य धार्मिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी। फिलहाल नगरासू गुरुद्वारा विवाद पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और प्रशासन की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका शांतिपूर्ण समाधान कब निकलता है।

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Author: uttarakhandtime

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