मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग 707A पर वाल्मीकि मंदिर के पास अवैध खनन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क धंसने के बाद मार्ग को पूरी तरह यातायात के लिए बंद करना पड़ा। घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सड़क निर्माण व मरम्मत का खर्च दोषियों से वसूलने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त टीम ने किया मौके का निरीक्षण
शुक्रवार को एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के नेतृत्व में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर पालिका, खनन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया गया कि भू-माफिया द्वारा बिना अनुमति बड़े पैमाने पर खनन किया गया, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग की नींव कमजोर हो गई और सड़क का हिस्सा धंस गया।
जमीन पर नियमों की अनदेखी
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित भूखंड पर विकास प्राधिकरण से आवासीय नक्शा स्वीकृत था, लेकिन जमीन पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत प्लॉटिंग और निर्माण कार्य किया जा रहा था। एसडीएम ने प्राधिकरण को धारा 15/9 के तहत तत्काल कार्रवाई करने, स्वीकृत नक्शों का पुनः निरीक्षण करने और नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर उसे निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
चारधाम यात्रा मार्ग पर टला बड़ा खतरा
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि यह मार्ग उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि सड़क धंसने के समय यातायात चालू होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निजी स्वार्थ के लिए इस प्रकार का अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खनन विभाग और पुलिस को कड़े निर्देश
खनन विभाग को बिना अनुमति खनन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मसूरी पुलिस को राष्ट्रीय राजमार्ग को नुकसान पहुंचाने और आमजन को असुविधा में डालने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण में आने वाला पूरा खर्च दोषियों से ही वसूला जाएगा।
ये भी पढ़े : सीएम धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना
अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
एसडीएम ने दो टूक कहा कि मसूरी में अवैध निर्माण और खनन किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में यदि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।



