सितारगंज के शक्तिफार्म क्षेत्र स्थित राजनगर में गरीब परिवारों की जमीन बचाने के लिए बीते 36 दिनों से जारी ऐतिहासिक धरने को आज सर्वसम्मति से स्थगित कर दिया गया। शासन–प्रशासन के खिलाफ चल रहा “जमीन बचाओ आंदोलन” उस समय सफल माना गया जब राज्य के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने साफ घोषणा की कि राजनगर क्षेत्र में प्रस्तावित आंचल फैक्ट्री अब नहीं लगेगी और इसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।
धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने मंत्री के इस फैसले का स्वागत करते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष गरीबों के हक और घरों को बचाने के लिए था, जिसमें पूरे क्षेत्र के लोगों ने एकजुट होकर आवाज उठाई। आंदोलनकारियों ने कहा, “देर आई, दुरुस्त आई। अगर इंडस्ट्रियल एरिया में पहले से सैकड़ों एकड़ खाली जमीन उपलब्ध है तो फैक्ट्री वहीं लगे, गरीबों के घर उजड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।”
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजनगर क्षेत्र में प्रस्तावित फैक्ट्री के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से विरोध चल रहा था। परिवारों को आशंका थी कि इससे उनके घर–बार और आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसी को लेकर ग्रामीणों ने 36 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना दिया, जो अब सरकार के आश्वासन के बाद स्थगित किया गया है।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने इसे जनता की एकजुटता की जीत बताया और उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में ऐसे फैसले लेने से पहले स्थानीय निवासियों से संवाद करेगी।



