देहरादून । उत्तराखंड में मदरसों में छात्रवृत्ति घोटाले की मुख्यमंत्री धामी ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के जरिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि कई संस्थाओं ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हासिल की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रवृत्ति जैसे कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। SIT अब दोषी संस्थाओं के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करेगी।उधमसिंहनगर के सरस्वती शिशु मंदिर को राष्ट्रीय पोर्टल पर मदरसा दर्शाकर मुस्लिम छात्रों की छात्रवृत्ति हासिल की गई है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा संचालित है, जिसके तहत कक्षा एक से लेकर उच्च शिक्षा स्तर तक के छात्रों को फीस और भत्तों के रूप में वित्तीय सहायता मिलती है। योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों को शिक्षा में प्रोत्साहन देना है।
वहीं इस मामले में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है और कहां है कि जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है उसकी जांच के बाद उनको सजा दिलाई जाए।



