Nainital: कथित जिला पंचायत सदस्य किडनैपिंग में कांग्रेस के विधायकों पर केस

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पांच सदस्यों के कथित अपहरण प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है. भाजपा प्रत्याशी दीपा दर्मवाल की तहरीर पर पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक व उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और पूर्व विधायक संजीव आर्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

दीपा दर्मवाल ने आरोप लगाया कि 14 अगस्त को वह जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ रही थीं और उनके साथ चार सदस्य मतदान केंद्र पहुंचे थे. इस दौरान कथित रूप से कांग्रेस नेताओं ने कुछ अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उन्हें रोकने, मारपीट करने और उनके सदस्यों को गायब करने का प्रयास किया।

भाजपा प्रत्याशी दीपा की शिकायती पत्र के आधार पर तल्लीताल थाने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के खिलाफ बीएनएस की धारा 62, 115(2), 140(3) और 191(2) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. बता दें कि इससे पहले गायब हुए पांच सदस्यों के परिजनों की अलग-अलग तहरीर पर पुलिस ने कुछ बीजेपी नेताओं समेत कई अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है।

बता दें कि 14 अगस्त को हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख पद के लिए चुनाव हुए थे. बाकी सभी जगहों पर चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट गए, लेकिन नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में जमकर बवाल हुआ. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों ने एक-दूसरे पर अपने-अपने समर्थित वोटर यानी जिला पंचायत सदस्यों का कथित रूप से अपहरण करने का आरोप लगाया।

निर्वाचन आयोग ने घोषित नहीं किए थे चुनाव परिणाम: कांग्रेस इस पूरे विवाद को लेकर 14 अगस्त को ही उत्तराखंड हाईकोर्ट चल गई थी. उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उसी दिन मामले को सुना और पुलिस व प्रशासन को भी सख्त निर्देश दिए थे. वहीं पूरे हंगामे के बीच निर्वाचन आयोग ने 14 अगस्त को देर रात तक मतदान के बाद मतगणना कराई थी. हालांकि चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया था।

18 अगस्त को हाईकोर्ट में होगा फैसला: नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया था कि चुनाव परिणाम सील बंद लिफाफे में है, जिसे डबल लॉकर में रखा गया है. इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग और प्रत्याशियों को भी दे दी गई थी. 18 अगस्त को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. उसी दिन चुनाव परिणाम वाला सीलबंद लिफाफा उत्तराखंड हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा. उत्तराखंड हाईकोर्ट जो आदेश देगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जिला पंचायत सदस्यों का वीडियो आया सामने: बता दें कि इस पूरी घटना में शनिवार 16 अगस्त को नया मोड उस समय आया था, जब गायब हुए पांचों पंचायत सदस्य का वीडियो सामने आया. वीडियो ने पांचों पंचायत सदस्य ने अपहरण की बात से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि वे सभी अपनी मर्जी से घूमने के लिए निकले हैं. किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है. वो जहां भी हैं, सुरक्षित हैं. जल्द ही सभी लोग सामने आ जाएंगे।

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Author: uttarakhandtime

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