उत्तराखंड : में मानसून एक बार फिर विकराल रूप लेने लगा है। लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ों से लेकर नदी घाटियों तक जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के आठ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए अचानक बाढ़ , भूस्खलन और जलभराव की आशंका जताई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर हैं।
सबसे अधिक असर उत्तरकाशी जिले की यमुनोत्री घाटी में देखने को मिल रहा है, जहां लगातार बारिश के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (यमुनोत्री हाईवे) कई स्थानों पर भूस्खलन की चपेट में आ गया है। शुक्रवार तड़के भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरने से हाईवे पूरी तरह बंद हो गया। सड़क बंद होने से चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ा है और कई श्रद्धालु व स्थानीय लोग रास्ते में फंस गए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 31 जुलाई को राज्य के देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर मलबे से पट गया है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों से पत्थर और बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे सड़क खोलने का काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सड़क चौड़ीकरण कार्य में लगी निर्माण एजेंसी की जेसीबी और अन्य भारी मशीनें लगातार मलबा हटाने में लगी हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर जल्द से जल्द मार्ग को यातायात के लिए खोला जाएगा। हालांकि लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।
स्यानाचट्टी में बढ़ा यमुना नदी का जलस्तर
बारिश के चलते यमुना नदी भी उफान पर है। आपदा प्रभावित स्यानाचट्टी क्षेत्र में नदी का पानी बढ़कर कुछ होटलों की पहली मंजिल तक पहुंच गया है। इससे स्थानीय लोगों और होटल संचालकों में दहशत का माहौल है। हालांकि प्रशासन ने राहत की बात यह बताई है कि यमुना नदी फिलहाल अपने मुख्य बहाव (Main Channel) में ही बह रही है और उसने कोई नई धारा नहीं बनाई है। यदि नदी का बहाव दिशा बदलता, तो आसपास के बाजार और आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ा नुकसान हो सकता था। फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
चारधाम यात्रा पर पड़ा असर
यमुनोत्री हाईवे बंद होने से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना मौसम और सड़क की ताजा जानकारी लिए यात्रा शुरू न करें। जिन यात्रियों की यात्रा निर्धारित है, वे प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक अपडेट का पालन करें।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग (SDMA), जिला प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं। राहत एवं बचाव दलों को संभावित आपदा प्रभावित इलाकों में तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों के लिए काफी संवेदनशील रह सकते हैं। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो कई अन्य सड़कों पर भी भूस्खलन, जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।



