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रुद्रपुर में ई-रिक्शा अचानक बंद होने का मामला: मोबाइल ऐप के कथित दुरुपयोग से चालकों में चिंता

BMS App

रुद्रपुर में पिछले कुछ समय से चलते हुए ई-रिक्शों के अचानक बंद होने की घटनाओं ने चालकों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। एक स्थानीय पड़ताल में यह दावा किया गया है कि कुछ स्कूली छात्र मोबाइल पर उपलब्ध एक ऐप का उपयोग कर ई-रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है।

क्या है पूरा मामला?

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्कूली छात्रों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी के समय शहर के कई इलाकों में ई-रिक्शों की लंबी कतारें लग जाती हैं। उनका कहना है कि कई चालक सड़क के बीच सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है और छात्रों को घर पहुंचने में देर होती है। कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि कई बार ई-रिक्शों की वजह से वे सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। इसी कारण, दोस्तों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मोबाइल ऐप का उपयोग करना शुरू किया। छात्रों के अनुसार, यह ऐप प्ले स्टोर पर आसानी से उपलब्ध है और ब्लूटूथ के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट करने का प्रयास करता है।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

तकनीकी विशेषज्ञों और कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी डिजिटल ऐप का इस प्रकार उपयोग करना गंभीर कानूनी और सुरक्षा संबंधी समस्या बन सकता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति किसी वाहन के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में हस्तक्षेप करता है, तो:

  • वाहन चलते-चलते बंद हो सकता है।
  • चालक और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।
  • सड़क पर दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • ऐसा कृत्य सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य लागू कानूनों के तहत अपराध माना जा सकता है।

प्रशासन ने क्या कहा?

रुद्रपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) विभव सैनी ने कहा कि संबंधित ऐप के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।उन्होंने कहा: “संबंधित ऐप के विषय में जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील है कि ऐसे किसी भी ऐप का गलत तरीके से प्रयोग करने से बचें।”

ई-रिक्शा चालकों की बढ़ी परेशानी

नई तकनीक के कथित दुरुपयोग से ई-रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। चालकों का कहना है कि यदि वाहन अचानक बंद हो जाए तो:

  • सवारियां बीच रास्ते उतर जाती हैं।
  • दिनभर की कमाई प्रभावित होती है।
  • वाहन को दोबारा चालू कराने में अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है।

बृहस्पतिवार देर शाम कुंडेश्वरी क्षेत्र में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया।बताया गया कि स्कूटी सवार दो युवकों पर आरोप लगा कि उन्होंने मोबाइल ऐप के जरिए एक ई-रिक्शा को रास्ते में बंद कर दिया। संदेह होने पर स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों युवकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। इस मामले में आधिकारिक रूप से किसी अपराध की पुष्टि या मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं दी गई।

एजेंसी का दावा एक ई-रिक्शा विक्रेता ने दावा किया कि अब तक लगभग 200 से 250 ई-रिक्शा चालकों के वाहनों का कथित “लॉक” खोलने में सहायता की गई है। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

चालकों ने सुनाई अपनी आपबीती

बॉबी कुमार, नगर निवासी, ने बताया: “मेरे ई-रिक्शा में अब तक दो बार बैटरी की सप्लाई बंद हो चुकी है। तीन दिन पहले गिरीताल में तीन महिला सवारियां बैठी थीं। रिक्शा बीच रास्ते बंद हो गया, जिसके बाद सवारियां उतरकर चली गईं।”

मोनू कुमार, मानपुर रोड निवासी, ने कहा: “दो दिन पहले ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक बंद हो गई। काफी कोशिश के बाद भी स्टार्ट नहीं हुई। बाद में एजेंसी ले जाना पड़ा, जहां 1200 रुपये खर्च कर विद्युत सप्लाई का लॉक खुलवाया गया।”

एक अन्य चालक ने बताया कि उन्होंने अन्य शहरों में भी ऐसी घटनाओं के बारे में सुना है और यदि यह सिलसिला बढ़ा तो चालकों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

क्या है BMS?

बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) किसी भी लिथियम-आयन बैटरी का महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रक होता है। इसका काम बैटरी की सुरक्षा, चार्जिंग, डिस्चार्जिंग और तापमान की निगरानी करना होता है। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति ऐसे सिस्टम तक पहुंचने का प्रयास करता है, तो इससे वाहन के संचालन और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल प्रशासन संबंधित ऐप और घटनाओं की जांच कर रहा है। यह स्पष्ट नहीं है कि सभी कथित घटनाएं वास्तव में ऐप के कारण हुईं या किसी अन्य तकनीकी खराबी की वजह से। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग न करें और ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।

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Author: uttarakhandtime

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