उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) की ओर से त्योहारी सीजन में विशेष अभियान चलाकर प्रदेश भर में मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विभाग जांच में खुलासा हुआ कि हरिद्वार जिले के भगवानपुर में मिल्क पाउडर व वनस्पति तेल से पनीर बना कर जमाने के लिए एसिड का प्रयोग किया जाता था। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
उपभोक्ताओं को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि खाद्य कारोबार में लापरवाही और मिलावट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

कुमाऊं मंडल में जांच के लिए भेजे 200 खाद्य सैंपल
कुमाऊं मंडल के तहत नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चंपावत जिले में विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 200 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए। कार्रवाई के समय 100 किलो से अधिक घटिया खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया। वहीं, गढ़वाल मंडल के तहत उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी जिले में दुकानों का निरीक्षण कर सैंपल एकत्रित किए गए।
कुमाऊं मंडल के तहत नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ व चंपावत जिले में विशेष चेकिंग अभियान के दौरान 200 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए। कार्रवाई के समय 100 किलो से अधिक घटिया खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया। वहीं, गढ़वाल मंडल के तहत उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी जिले में दुकानों का निरीक्षण कर सैंपल एकत्रित किए गए।
हरिद्वार में छापामार कर पकड़ी नकली पनीर
एफडीए की टीम ने हरिद्वार जिले के भगवानपुर में छापामार कर नकली पनीर पकड़ा है। जांच में पाया गया कि मिल्क पाउडर व वनस्पति तेल से पनीर बनाने के बाद उसे जमाने के लिए एसिड का प्रयोग किया जाता था। मिलावट पर दो पनीर व एक दूध का नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया।



