हरिद्वार में ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो (Zomato) के गिग वर्कर्स ने कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेस क्लब हरिद्वार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों, यानी गिग वर्कर्स, ने कंपनी पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए।
सरकार के नियम के बावजूद डिलीवरी का दबाव
गिग वर्कर्स का कहना है कि सरकार की ओर से 10 मिनट में डिलीवरी की बाध्यता को हटा दिया गया है। इसके बावजूद कंपनी उन पर जल्द से जल्द ऑर्डर पहुंचाने का दबाव बना रही है। वर्कर्स का आरोप है कि यदि तय समय में डिलीवरी नहीं हो पाती, तो उनके भुगतान में कटौती की जा रही है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
भुगतान कटौती से बढ़ी आर्थिक परेशानी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद डिलीवरी पार्टनर्स ने बताया कि लगातार पेनल्टी और इंसेंटिव कटौती के कारण उनकी आय में कमी आई है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और ईंधन खर्च के बीच यह स्थिति उनके लिए बेहद कठिन हो गई है। गिग वर्कर्स ने कंपनी से स्पष्ट नीति और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था की मांग की है।
भूख हड़ताल की चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिग वर्कर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन यदि शोषण जारी रहा तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ये भी पढ़े : 9 मार्च से गैरसैंण में होगा बजट सत्र
कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गिग वर्कर्स का कहना है कि वे जल्द ही प्रशासन से भी हस्तक्षेप की मांग करेंगे।



