देहरादून| उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मंदिरों में बढ़ती भीड़, अव्यवस्था और श्रद्धालुओं को हो रही परेशानियों को देखते हुए वीडियो बनाने और ब्लॉगिंग पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी की जा रही है।
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स, इनफ्लुएंसर और ब्लॉगर की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके चलते मंदिर परिसरों में भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन गई है।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग दर्शन से ज्यादा वीडियो बनाने और रील शूट करने में व्यस्त रहते हैं, जिससे अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर मोबाइल फोन के अधिक उपयोग से मंदिर परिसर में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है।
मंदिर समिति के अनुसार, इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसमें मंदिर परिसर के अंदर वीडियो शूटिंग, ब्लॉगिंग और रील बनाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
हेमंत द्विवेदी ने यह भी बताया कि इस मामले में राज्य सरकार भी सहमत है और जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाना है। नए नियम लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इस फैसले से सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और ट्रैवल ब्लॉगर पर असर पड़ सकता है, लेकिन मंदिर समिति का मानना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है।



