Dehradun| उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूती की ओर बढ़ रही है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। आर्थिक विकास के कई प्रमुख संकेतक यह दिखाते हैं कि आने वाले वर्षों में राज्य की विकास गति और तेज हो सकती है।
GSDP और प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी
राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्ष 2025 तक लगभग 3.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में जहां प्रति व्यक्ति आय करीब 1.94 लाख रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 2.73 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
गरीबी दर में कमी और रोजगार में सुधार
राज्य में गरीबी के आंकड़ों में भी सुधार देखा गया है। मल्टीडायमेंशनल पावर्टी इंडेक्स के अनुसार गरीबी दर घटकर 6.92 प्रतिशत रह गई है। इसके साथ ही श्रम भागीदारी दर भी 60.5 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गई है, जो रोजगार के बेहतर अवसरों का संकेत देती है।
उद्योग और स्टार्टअप में तेज़ी
उद्योग और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी राज्य ने तेजी से प्रगति की है। एमएसएमई इकाइयों की संख्या वर्ष 2022 की तुलना में बढ़कर 2025 में 79 हजार से अधिक हो गई है।वहीं स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से विकसित हुआ है। वर्ष 2017 में जहां कोई स्टार्टअप पंजीकृत नहीं था, वहीं वर्ष 2025 तक यह संख्या बढ़कर 7050 हो गई है।
बुनियादी ढांचे में विस्तार
राज्य में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
- सड़कों की कुल लंबाई 50,354 किलोमीटर से बढ़कर 51,271 किलोमीटर हो गई है।
- हेलिपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गई है, जिससे पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं को भी लाभ मिल रहा है।
शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव
शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किए गए हैं। सेकेंडरी स्तर पर ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो 88.23 से बढ़कर 93.54 हो गया है। इसके साथ ही स्कूल ड्रॉप-आउट दर में भी कमी आई है। राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
- शिशु मृत्यु दर 22 से घटकर 20 हो गई है।
- औसत आयु 70.17 वर्ष से बढ़कर 73 वर्ष हो गई है।
इसके अलावा राज्य में शौचालय कवरेज 100 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
कृषि और डेयरी उत्पादन में वृद्धि
कृषि और डेयरी क्षेत्र में भी उत्पादन बढ़ा है।
- दूध उत्पादन 50.92 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 54.5 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है।
- मछली उत्पादन 7325 टन से बढ़कर 10480 टन तक पहुंच गया है।
पर्यटन क्षेत्र में बढ़ोतरी
पर्यटन के क्षेत्र में होटल और होमस्टे की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
- होटलों की संख्या 8225 से बढ़कर 10509 हो गई है।
- होमस्टे की संख्या 3935 से बढ़कर 6161 तक पहुंच गई है।
यह वृद्धि राज्य में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार का संकेत देती है।
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भविष्य की योजनाएं
राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, कृषि में हाई वैल्यू क्रॉप्स को प्रोत्साहन देना, रिसर्च और डेवलपमेंट को मजबूत करना और गैर-ऋण पूंजी प्राप्तियों को बढ़ाना है, ताकि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।



